Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र Sex - Printable Version

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RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

मैंने उसके गोल और गोरे चूतड़ों को अपने दोनों हाथों में पकड़ रखा था और आहिस्ता आहिस्ता लंड वाला पिस्टन उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा।
रोज़ी को अब बहुत आनन्द आना शुरू हो गया और वो बिदकी घोड़ी की तरह अपने चूतड़ों को आगे पीछे करने लगी।
हम दोनों ने धक्के मारने की लय को एक समान कर लिया और फिर कभी तेज़ और कभी धीरे धक्के मारने का सिलसिला जारी हो गया।
मैंने पूरा लौड़ा अंदर डाल कर फिर उसको धीरे से बाहर निकाल कर फिर पूरा अंदर धकेलने का चक्कर चालू कर दिया और उसकी स्पीड भी एकदम से तेज़ करते हुए मैं उसके चूतड़ों पर एक हाथ से थापी भी मारने लगा।
रोज़ी ने अपना सर नीचे की तरफ करके अपने गोल चूतड़ों को मेरे लंड से बार बार जोड़ते हुए यह इशारा दे दिया कि वो झड़ने के करीब है और मैंने अब अपनी अंधाधुन्ध स्पीड को चालू करते हुए शीघ्र ही रोज़ी को उसकी मंजिल पर पहुँचा दिया।
रोज़ी का जब छूटा तो वो अपने सर को इधर उधर करने लगी और उसकी चूत का सिकुड़ना भी जारी हो गया, उसकी चूत की पकड़ मेरे लंड पर तीव्र हो गई।
वो बिस्तर पर लेट चुकी थी और मैं भी उसके ऊपर ही पसरा हुआ था।
जैसे ही रोज़ी की चूत की पकड़ कुछ ढीली हुई और मेरा लंड चूत के बाहर आया तो मैं उठा और कम्मो जो साथ ही नंगी ही लेटी हुई थी उसकी की टांगों के बीच में बैठ कर अपने लंड को उसकी चूत में डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा।
कम्मो ने मुझको कस कर अपने शरीर से चिपका लिया और मेरे धक्कों का जवाब देने लगी।
रोज़ी के साथ लेस्बो सेक्स करके वो इस वक्त काफी गर्म हो चुकी थी तो ज़्यादा देर टिक ना सकी और जल्दी ही धराशायी हो गई और मुझको गहरे चुम्बन के बाद उसने छोड़ दिया।
मैं उठा और अपने गीले लौड़े को हाथ में लेकर उसको हवा में लहलहाते हुए सारे कमरे में घूमने लगा।
आबिदा यह सारा दृश्य देख रही थी और उसकी आँखें हैरानी से खुली की खुली रह गई।
आबिदा ने कम्मो से पूछा- अरे सोमू का लंड तो अभी भी खड़ा है… यह कैसे हो सकता है? सोमू क्या तुम अफीम खाते हो?
कम्मो बोली- छोटे मालिक कुछ भी नशे की चीज़ नहीं खाते या पीते हैं और यह जो तुम लंड का नज़ारा देख रही हो वो तो जारी रह सकता है जब तक छोटे मालिक चाहें। यह इनको कुदरती वरदान है लेकिन यह इसका दुरूपयोग कभी नहीं करते।
अब मैं उठा, कम्मो को एक जफ्फी मारी और अपने कपड़े पहनने लगा और तब तक कम्मो भी पानी साड़ी और ब्लाउज पहन चुकी थी।
रोज़ी और आबिदा दोनों ही नंगी उठी और मुझको एक बड़ी भाव भीनी चुम्मी और जफ्फी दी दोनों ने और बोली- सोमू यार, तुम तो कमाल की चीज़ हो, अगर हमारा बस चले तो हम तुमको अपने साथ ही ले जाएँ।
कम्मो बोली- ऐसा कभी न करना, क्यूंकि दुनिया में बहुत सी प्यासी औरतें हैं जिनको सोमू जैसे लंड की ज़रूरत अक्सर पड़ती रहती है।
फिर हम दोनों बाइक पर बैठ कर घर आ गए और वहाँ पर्बती ने हवेली का दरवाज़ा खोला और हम दोनों अंदर आकर अपने कमरे में चले गए।
कम्मो रसोई में गई और मेरे लिए ख़ास मसालेदार दूध ले कर आई जिसको पीने के बाद मुझ में शक्ति की एक लहर सी दौड़ गई।
कम्मो बोली- छोटे मालिक, अब कुछ दिन तो आपको यह दूध तो पीना पड़ेगा। खासतौर से जब तक यह फ़िल्मी पार्टी यहाँ है। अच्छा अब मैं चलती हूँ।
यह कह कर वो जाने लगी तो मैंने उसको पकड़ लिया और एक बड़ी कामुक जफ्फी और लबों पर एक चुम्बन दे दिया।
मैं बिस्तर पर आज सिर्फ अपने अंडरवियर में ही लेट गया क्यूंकि मैं काफी थक गया था और मुझको काफी सख्त नींद आई हुई थी।
ना जाने कब मेरी नींद खुली तो मैंने महसूस किया कि कोई हाथ मेरे शरीर पर रेंग रहा है लेकिन मैं दम साधे लेटा रहा यह देखने के लिए कि यह किसका हाथ है। 
थोड़ी देर इसी तरह मेरे शरीर पर रेंगने के बाद उस हाथ ने मेरे लंड को छेड़ना शुरू किया और जल्दी ही मेरा लंड एकदम से अकड़ गया लेकिन मैं बिल्कुल कुछ भी हरकत किये बगैर दम साधे लेटा रहा।
फिर एक मुंह मेरे लंड को लेकर उसको धीरे धीरे चूसने लगा और जैसे जैसे वो मुंह मेरे लंड को चूसता जा रहा था, लंड और भी अकड़ता जा रहा था।
अब जैसे ही लंड को छोड़ कर मुंह हटने लगा, मैंने झट से उसको अपने हाथों में पकड़ लिया और उसके अभी भी गीले होटों पर अपने होंट रख दिए।
घने अँधेरे में मुंह का मालिक एकदम अकचका गया और अपने मुंह को छुड़ाने की कोशिश करने लगा।
मैंने अब अपने हाथ उस एकदम नंगे शरीर के मालिक के चूतड़ों पर रख दिए और उनको हल्के हल्के सहलाने लगा।
मैंने यह महसूस किया कि शरीर किसी हसीना का ही हो सकता है।
मुंह की मालकिन ने अब मुंह छुड़ाने की कोशिश छोड़ दी थी और वो अब मेरे द्वारा की गई छेड़छाड़ का आनंद ले रही थी।
अब मैं अपने हाथ उसके नितम्बों से हटा कर उसके मुम्मों पर फेरने लगा और उसके चूचुकों को छेड़ने लगा जो अब एकदम से सख्त हो चुके थे।
कमरे में उस रात्रि बहुत ही घना अन्धकार था, शायद वो अमावस्या की रात थी इसी कारण हम एक दूसरे के अंग भी नहीं देख पा रहे थे।
अब उस अनजान औरत ने मुझको आलिंगनबद्ध किया और मेरे शरीर को चूमते हुए उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुंचा दिया। अगले ही कुछ क्षणों में वो औरत मेरे दोनों तरफ पैर रख कर मेरे ऊपर बैठ गई और मेरे लौड़े को हाथ से पकड़ कर उसने अपनी गीली चूत के मुंह पर रख कर ऊपर से ज़ोर का धक्का दिया और फिर उसने बड़े ही प्रेम से मेरी चुदाई शुरू कर दी और मैं उसके गोल गोल मुम्मों को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा।
वो कभी कभी झुक कर मेरे होटों को भी चूस रही थी और मैं भी उसके मम्मों को कभी कभी चूस लेता था।
यह सिलसिला कितने समय चला, यह मुझको मालूम नहीं लेकिन ऊपर नीचे होते हुए वो एकदम रुक गई और फिर उसका शरीर ज़ोर से अकड़ा, फिर वो एकदम ढीली पड़ गई और जल्दी ही मेरे ऊपर ही पसर गई।

तब मैंने उसको अपने ऊपर से हटा कर बिस्तर पर लिटा दिया और फिर मैंने स्वयं उसकी टांगों को चौड़ा करके खुद उसको चोदने लगा और इतनी तेज़ और ज़ोरदार चुदाई की उस अनजान औरत की कि मुझको यकीन है कि वो ज़रूर एक दो बार ज़रूर झड़ गई होगी।
फिर मैं उसके ऊपर से हट कर बिस्तर पर लेट गया और बड़ी शीघ्र ही मुझको नींद ने आन घेरा।
सवेरे जब मैं उठा तो वो औरत जा चुकी थी, मैं बहुत हैरान हुआ कि यह कौन हो सकती है? क्या यह रूबी थी या फिर मधु मैडम थी? इस राज़ को मैं आज तक नहीं जान सका।
सुबह जब कम्मो चाय देने आई तो मैंने रात वाले किस्से का ज़िक्र उससे भी किया लेकिन वो भी इस पहेली को नहीं सुलझा सकी।
फिर हम दोनों ने मिल कर कमरे और बिस्तर को पूरी तरह से छान मारा लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
अगले दिन सारा दिन नदी किनारे डांस होता रहा और थोड़ी शूटिंग भी की कैमरा ऑपरेटर्स ने!
उस दिन मुझको महसूस हुआ कि कितना कठिन होता है फिल्म का निर्माण करना।
एक एक शॉट को पूरा करने में कई घंटे लग जाते थे और कितनी बार एक ही तरह के डांस स्टेप्स को दोहराना पड़ता था। आज सब डांसर्स ने अपनी पूरी डांस वाली ड्रेस पहनी हुई थी और मुझको भी गाँव के जवान लड़के की पोशाक पहना रखी थी।
लंच ब्रेक में मैं नदी किनारे अपने गुप्त स्थान की तरफ चला गया जो वहाँ से थोड़ी दूर था। सोचा था कि वहाँ जाकर थोड़ी देर सो लूंगा लेकिन जैसे ही मैं उस जगह घुसा तो मेरे पीछे सैंडी नाम की डांसर भी घुस आई। मैं चौंक गया कि यह कैसे यहाँ पहुँच गई?
पूछने पर सैंडी ने बताया कि वो तो मेरे पीछे आते हुए यहाँ तक पहुँच गई थी।
मैं बोला- कहो, कैसे आना हुआ यहाँ?
सैंडी बोली- मैं तुमको फक करना चाहती हूँ अभी यहाँ पर!
मैं बोला- यहाँ तो खतरा है सैंडी, कोई भी आ सकता है यहाँ।
सैंडी बोली- कोई बात नहीं, प्लीज फक करो मुझको!
और सैंडी मुझको पकड़ कर होटों पर चूमने लगी और गाँव वालों के स्टाइल की छोटी सी धोती में से मेरे लंड को ढूंढने लगी।
फिर उसने मेरी धोती ढीली कर दी और मेरे लंड को अंडरवियर से निकाल लिया और उसको अकड़ा हुआ देख कर खुश हो गई। उसने भी गाऊँ वाली औरतों की तरह छोटा सा लहंगा पहन रथा था जो उसके घुटनों तक आ रहा था और उसके नीचे भी एक छोटी सी टाइट पजामी पहन रखी थी।
उसने खुद ही अपनी पजामी को नीचे कर दिया और मेरे हाथ को अपनी चूत के ऊपर रख दिया।
उसकी सफाचट मुलायम चूत पर हाथ फेरते हुए मैंने उसको एक बहुत ही कामुक चुम्बन दे दिया।
उसके मम्मों पर हाथ लगाया तो वो काफी कठोर महसूस हुए और उसके चूतड़ भी गोल और उभरे हुए लगे।
अब मैं पूरे जोश में आ चुका था तो मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी चूत के मुँह के ऊपर अपना लौड़ा टिका कर ज़ोरदार धक्का मारा और वो पूरा का पूरा अंदर चूत में समा गया।
मैंने उसको धीरे धीरे चोदना शुरू किया क्यूंकि उसकी चूत अभी पूरी गीली नहीं हुई थी। थोड़ी देर हल्के धक्कों के बाद ज़ोरदार धक्कों को शुरू कर दिया क्यूंकि किसी वकत भी कोई आ सकता था।
मैंने धक्कों की स्पीड एकदम तेज़ कर दी और सैंडी जल्दी ही तिलमिलाती हुई झड़ गई लेकिन मैंने अपनी चुदाई जारी रखी और सैंडी को भी अब बेहद मज़ा आने लगा था, वो बार बार अपनी गांड को आगे पीछे कर रही थी और मेरे धक्कों का पूरा जवाब दे रही थी।
सैंडी को कभी हल्की स्पीड और कभी तेज़ स्पीड से चोदते हुए मैं उसको फिर छूटने की कगार पर ले आया और आखरी कुछ धक्के इतनी स्पीड से मारे कि सैंडी का मुख खुला का खुला रह गया।
अब सैंडी अस्फुट आवाज़ में बोल रही थी- मार डालो… और मारो… ओह्ह्ह मी गई ली रे!
यह कहते हुए सैंडी ज़मीन पर लेट गई।
जब वो उठी तो जल्दी से उसने अपने कपड़े ठीक किये और कहने लगी कि वो बम्बई के मछुआरे परिवार से है और वहाँ फक करने की खुली छूट है।
मैंने कहा- कॉटेज में तुम्हारे कमरे का नंबर क्या है?
सैंडी बोली- मेरा और जूली का कमरा नंबर 2 है और तुमसे चुदने की हमारी बारी है आज रात!
मैं बोला- तुम और जूली तो मेरे से चुद चुकी हो न… फिर दुबारा क्यों नंबर लगा रही हो?
सैंडी हंस कर बोली- आज रात हम तीनों नंगे होकर चोदेंगे ना, तो उस चूत चुदाई का मज़ा ही कुछ और है।
फिर मैं सैंडी को लेकर एक घुमावदार रास्ते से वापस लौटा जहाँ अभी सब आराम फ़रमा रहे थे। मुझको यकीन था कि सैंडी अगर चाहे भी तो वो दोबारा वो नदी किनारे वाली छुपने की जगह नहीं ढूंढ पाएगी।
आज रात में कमरा नंबर 2 की डांसर लड़कियों की चुदाई तो अभी बाकी थी तो मैं जाकर उन्हीं के कमरे में थोड़ा लेट गया और ना जाने कब मेरी नींद लग गई और मैं बहुत ही गहरी नींद में सो गया।
और जब मैं उठा तो देखा कम्मो मुझको झंझोड़ कर उठा रही थी।
मैं अकचका कर उठ बैठा और हैरानी से कम्मो से पूछा- क्या मैं बहुत देर सोया?
कम्मो हँसते हुए बोली- नहीं जी, कुछ ज़्यादा देर नहीं यही कोई एक घंटा सोये होंगे आप!
मैं बोला- अच्छा, आज दिन को नहीं सोया ना, शायद इसी लिए नींद आ गई थी।
कम्मो बोली- चलिए खाना तैयार है, चल कर खा लो, बाकी सब लड़कियाँ आपका इंतज़ार कर रही हैं।
मैं जल्दी से उठा और बाथरूम में अपना मुंह धोया और कम्मो का हाथ पकड़ कर मैं बैठक में आ गया।
सब लड़कियाँ मुझ को देख कर शोर मचाने लगी- आइये जनाब, आपका स्वागत है… इधर आ जाइए, हम सब आपकी राह में आँखें बिछाये बैठे हैं।
मैं भी मज़ाकिया लहजे में बोला- मैंने सोचा आप शायद मेरी राह में अपना बिस्तर बिछाये बैठे हैं!
उसी लड़की ने जवाब दिया- जी हाँ जनाब, आपके लिए पलकों के बिस्तर बिछाये बैठे हैं।
मैं बोला- क्या दिलकशी है ऐ मेरे दोस्त, हम भी तो आप पर अपना सब कुछ लुटाए बैठे हैं।
सब लड़कियाँ बोल उठी- वाह वाह, क्या बात है अब जवाब दे ज़ूबी।
ज़ूबी बोली- ज़हे किस्मत जो आप जैसे सब कुछ लुटाने बैठे हैं।
मैं बोला- लूट लो जो लूट सको ऐ मेरे सनम, जान तो क्या अपनी ईमान तक लुटाए बैठे हैं।


RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

तभी कम्मो बोली- हज़रात यह लूटने लुटाने का सिलसिला बंद कीजिये और चल कर अपने उनका और उनकी उनका मिलान शुरू कीजिये।
मैं बोला- चलिए जना, अपनी लेकर, हम अभी अपना लेकर आते हैं।
तभी जूली और सैंडी मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो गई, उन दोनों को देख कर मैं ज़रा चौंक गया और कम्मो को अपने पास बुला कर बोला- अरे इन दोनों को तो मैं यहाँ चोद बैठा हूँ, अभी फिर से इनकी चुदाई शायद ठीक नहीं होगी। कमरा नंबर 3 वालों की बारी लगा दो ना प्लीज!
कम्मो एकदम ठिठक गई और बोली- छोटे मालिक ठीक कह रहे हैं, इन दोनों का काम तो हो चुका है, अब कमरा नंबर 3 वालों की बारी है, कौन है 3 में बोलो प्लीज?
दो लड़कियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए और मैंने उनको पहचान लिया क्यूंकि वो मेरे सामने खड़ी थीं कुछ समय पहले।
मैंने कहा- नंदा जी, और दूसरी हैं रागिनी जी, क्या मैं सही हूँ?
नंदा बोली- अभी मैं लूंगी अपना चंदा, तब शुरू होगा कोई दूसरा धंधा।
मैं बोला- चलो तो फिर कहीं दूर चलें, क्यूंकि धंधा है अभी कुछ मंदा।
मैं और कम्मो नंदा और रागिनी के पीछे उनके कमरे में पहुँच गए और दोनों ने झट शुरू कर दिया अपने कपड़े उतारने।
फिर मुझको अभी कपड़े पहने देख कर रागिनी आ गई और बारी बारी उसन मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए, यहाँ तक कि मेरे अंडरवियर को उतारने के बाद ही उसने मुझको छोड़ा और फिर उसने मेरे लंड को चूसना भी शुरू कर दिया।

अब मैंने दोनों लड़कियों को सीधा खड़ा रहने के लिए कहा और मैं उनको नग्न अवस्था में देख कर बड़ा ही आनंदित हुआ। दोनों के मम्मे एकदम मस्त गोल और सॉलिड थे और काले गोल चूचुक अब पूरी तरह से सख्त हो गए थे।
दोनों की चूत पर घने काले बाल लहरा रहे थे जो कुछ लड़कियों की सफाचट चूत को देखने के बाद अजीब लग रहे थे।
मैंने नंदा से पूछ ही लिया कि ऐसा क्यों है?
नंदा बोली- इन डांसर लड़कियों में से कुछ प्रोफेशनल डांसर्स हैं जो अक्सर डांस बार में डांस भी करती है जब इनके पास फिल्मों का काम नहीं होता तो इनको अपनी चूत को सफाचट रखनी पड़ती है लेकिन मैं और कुछ लड़कियाँ सिर्फ फिल्मों में ही डांस करती हैं सो हम पर चूत सफाचट रखने की शर्त लागू नहीं होती।
मैं बोला- तो यह बात है. वैसे ना मुझ को सफाचट चूत देख कर मज़ा नहीं आता क्यूंकि चूत की शान तो उस पर छाई काली बालों की घटा होती है जो चूत के अंदर के राज़ अपने पीछे छुपा कर रखती है।
अब मैंने कम्मो की तरफ देखा और आगे बढ़ कर उसकी भी साड़ी उतार दी और उसको भी नंगी कर दिया।
फिर मैंने बारी बारी से नंदा और रागिनी के मुम्मों को चूसा और उनके चूतड़ों को काफी देर मसला, कम्मो के मम्मों को भी चूसा और उनका मुकाबला दो हसीन डांसर्स के गोल और अति सुंदर मम्मों के साथ किया।
कम्मो के मम्मे ज़्यादा मोटे और सॉलिड थे और उनमें ज़रा भी लटकाव नहीं था जब कि उन दो फ़िल्मी सुंदरियों के मम्मे गोल और सॉलिड ज़रूर थे लेकिन उनमें थोड़ा थोड़ा लटकाव आना शुरू हो गया था।
यह शायद उनके डांसर के पेशे के कारण था।
फिर कम्मो ने उन दोनों को बिस्तर पर लिटा दिया और आप भी उनके साथ लेट गई।
सबसे पहले मैंने रागिनी की चूत में मुंह डाल कर उसकी चूत को चूमना और चूसना शुरू कर दिया और मेरी देखा देखी कम्मो ने नंदा की चूत को चूसना शुरू कर दिया और इस तरह हम दोनों ने मिल कर दोनों फ़िल्मी कलाकारों को चुदाई के लिए पूरी तैयार कर दिया।
अब रागिनी मेरे लंड को खींचने लगी और अपने ऊपर आने के लिए दावत देने लगी तो मैं जल्दी ही उसकी जांघों में बैठ कर उसकी चूत में सख्त लौड़ा डाल धीरे धीरे चूत की चुदाई करने लगा।
बहुत ही धीरे से लंड को अंदर डालना और फिर अंदर डाल कर कुछ सेकण्ड्स के लिए बगैर हिले डुले उसको अंदर ही रहने देना, यह मेरा नई तकनीक थी जिसको औरतों और लड़कियों ने बहुत ही पसंद किया था।
इस चुदाई के तरीके से कोई भी चुदने वाली औरत या फिर लड़की लंड के साथ और चुदने के लिए उतावली हो जाती थी।
अब मैंने रागिनी को बड़ी तेज़ी से चुदाई के लिए मजबूर कर दिया और वो मेरी स्पीड के आगे अपने सर को इधर उधर करने में लगी हुई थी।
जल्दी ही रागिनी के शरीर में एक ज़ोरदार हरकत होना शुरू हो गई और उसकी चूत में से क्रीम के समान झाग वाला पानी निकलने लगा, जल्दी ही रागिनी झनझनाती हुई छूट गई और छूटते वक्त उसने मुझको अपने शरीर के साथ पूरी ताकत से चिपटा लिया।
रागिनी के ऊपर से हटते ही मैंने नंदा की चूत का निशाना बनाया और उसी तरीके से उसको भी चोद कर मैंने शीघ्र ही अपनी फतह का झंडा लहराया।
फिर मैं लेट गया बिस्तर पर और कम्मो ने भी मेरे ऊपर चढ़ कर मेरे लंड को खूब छकाया और खुद दो बार झड़ कर मुझको भी उस्ताद बनाया।
वहाँ से कपड़े पहन कर हम दोनों हवेली जाने लगे ही थे कि कम्मो ने कहा- आओ तुमको बाकी लड़कियों के कारनामे भी दिखा देती हूँ। हम सबसे पहले कमरा नंबर 6 के बाहर पहुँचे तो कम्मो ने एक चोर झरोखे की तरफ की इशारा किया और जब मैंने अंदर का दृश्य देखा तो मैं दंग रह गया।
नाईट लैंप की मद्धम रोशनी में मैंने देखा कि एक थोड़े भरे जिस्म वाली लड़की ने अपनी कमर में रबर का लंड पेटी से बाँधा हुआ था और एक खूबसूरत लड़की को बड़ी लग्न से चोद रही है और नीचे वाली कलाकार ज़ोर ज़ोर से हाय हाय कर रही थी।
कम्मो जल्दी से 5 नंबर कमरे के दरवाज़े में एक गोल सा छेद था, उसके पास ले गई और वहाँ देखा कि एक नंगी लड़की दूसरी लड़की की गांड में खीरे को डाल रही थी।
यह दृश्य देख कर मैं हैरान रह गया और बाकी कमरों की लाइट बंद थी तो हम वहाँ कुछ नहीं देख सके।
फिर हम दोनों मेरी बाइक पर बैठ कर हवेली आ गए और घड़ी में टाइम देखा तो कोई ज़्यादा समय नहीं हुआ था, यही कोई रात के 9 बजे थे, मैं अपने कमरे में चला गया।
थोड़ी देर बाद कम्मो मेरे लिए गरम गरम मसालेदार दूध लेकर आई और बोली- वो पर्बती कह रही थी कि छोटे मालिक हमको तो भूल ही गए। लेकिन मैंने उसको बताया कि छोटे मालिक कितना काम में फंसे है और जब तक यह फ़िल्मी धंधे वाले लोग नहीं जाते, वो बहुत ही बिजी रहेंगे। मैं पर्बती को आज रात अपनी कोठरी में सुला रही हूँ, उसके शरीर की गर्मी को शांत कर दूंगी, आप बेफिक्र रहें।
जब कम्मो जाने लगी तो मैंने उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी और उसके गोल और उभरे हुए चूतड़ों को भी मसला।
जब कम्मो जाने लगी तो मैंने उसके लबों पर एक हॉट किस जड़ दी और उसके गोल और उभरे हुए चूतड़ों को भी मसला।
उस रात मैं बहुत ही थका हुआ था और जल्दी ही सो गया।
पिछली रात की तरह आज भी मेरी नींद अचानक खुल गई, मैंने महसूस किया कि मेरे दोनों तरफ कोई सोया हुआ है।
आज मैंने अपने साथ एक टॉर्च रखी हुई थी, जैसे ही मुझको लगा कि कोई मेरे बेड पर है तो मैंने टॉर्च की रोशनी को अपने हाथ से दबा कर देखा कि मेरे साथ रूबी मैडम और मधु मैडम दोनों ही एकदम नग्न अवस्था में लेटी हुई थी।
मैंने अपने लंड को हाथ लगाया तो मैंने महसूस किया कि वो दो तीन बार किसी चूत को चोद चुका है क्यूंकि उसमें सफ़ेद पानी की सूखी परत जमी हुई थी और मेरा पायजामा भी नदारद था।
मैंने ध्यान से दोनों नंगी औरतों को देखा तो पाया कि वो दोनों बड़ी गहरी नींद में सोई हुई थी।

मैं अब जाग चुका था और मेरा लौड़ा भी एकदम मस्त खड़ा था तो मैंने सोचा चलो कुछ इन फ़िल्मी चूतों का भी दुबारा आनंद ले लें।
मैंने धीरे से मधु मैडम की चूत के बालों के साथ खेलना शुरू कर दिया और साथ ही साथ उसकी चूत के भग को भी धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया और साथ ही एक हाथ से रूबी मैडम के मुलायम चूतड़ों को छेड़ने लगा। 
मधु मैडम की चूत जब थोड़ी पनियाने लगी तो मैंने ऊँगली रूबी मैडम की चूत और गांड में डाल कर गोल गोल घुमानी शुरू कर दी।
मधु मैडम ने अब अपनी टांगें खोलनी शुरू कर दी और जैसे जैसे ही वो मेरी ऊँगली द्वारा गरम होती गई उसकी टांगें उतनी ही खुलती गई।
मैं अब उठ कर मधु मैडम की जाँघों के बीच बैठ गया और अपने अकड़े लंड को उसकी चूत के ऊपर बाहर से रगड़ने लगा। फिर इस रगड़ाई को उसकी चूत के मुख पर ले आया और थोड़ा अंदर लंड को डाल कर मैं आराम से बैठ गया और हर थोड़े समय में एक धक्का मार देता और फिर उसके चूचों को चूसता।
यह सिलसिला कोई आधे घंटे तक चला और इस दौरान मैंने महसूस किया कि मधु मैडम कम से कम दो बार चूत में उत्पन्न झनझनाहट के साथ झड़ गई और अब वो बगैर आँख खोले ही अपनी टांगें सीधी करने की कोशिश करने लगी और मैं एक आखरी गहरा धक्का मार कर उसकी चूत के ऊपर से उतर गया।
मेरे उतरते ही वो साइड लेकर फिर बड़ी गहरी नींद में मगन हो गई।
उधर रूबी मैडम जो मेरे दूसरी साइड पर थी, वो अभी भी गहरी नींद में थी लेकिन मैं अभी भी उसकी चूत को सहला रहा था और धीरे धीरे उस में पैदा होते गीलेपन को महसूस कर रहा था।
एक हाथ उसकी चूत पर और दूसरा उसके गोल शानदार उरोजों पर था और दोनों ही काम रूबी को गर्म करने के लिए काफी थे।
रूबी की चूत के पनीयाते ही मैंने मधु मैडम वाला तरीका अपनाया और ठीक 10 मिनट में रूबी मैडम का ज़ोरदार स्खलन कर दिया जिसका उसको शायद पता ही नहीं चला।
फिर वो भी साइड लेकर सो गई।
मैं भी दोनों को अपनी बाँहों में समेट कर फिर से सो गया।
सुबह जब आँख खुली तो सामने निम्मो चाय लिए खड़ी थी और दोनों फिल्म वालियाँ जा चुकी थी।
शायद उसको बहुत दिनों बाद देखा था तो इसलिए मेरे दिल में उसको भी जल्दी से चोदने का विचार आ गया और मैंने उसको अपनी बाँहों में भर कर एक ज़ोरदार आलिंगन के साथ उसके लबो पर चुम्मी दे दी और उसको कुछ भी समय दिए बगैर उसकी धोती को पीछे से ऊपर कर उसको चोदने लगा, चाहे वो यह कहती रह गई कि ‘छोड़ो छोटे मालिक, कोई आ जाएगा।’ 
निम्मो को हरा किया जल्दी में और फिर चाय पीकर फिर लेट गया और कप ले जाते हुए निम्मो बोली- मैं तो सोच रही थी कि छोटे मालिक हम सब को तो भूल गए फिल्म वालों के आते ही।
मैंने उसको अपने निकट खींच लिया और लेटे हुए ही उसके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए बोला- नहीं रे, तुम लोगों को कैसे भूल सकत है हम। इन फिल्म वालों को जा लेने दो, फिर हम सब मिल कर खूब रंगीली पार्टी करेंगे यहाँ।
थोड़ी देर में कम्मो आई तो मैंने उसको रात की दास्तान सुना दी।
वो बोली- मधु और रूबी बहुत ही बदमाश हैं साली। लड़कियों को बहुत ही तंग करती हैं डांस करते हुए… चलो तैयार हो जाओ डांस के लिए जाना है न आपको।
जब हम कॉटेज पहुंचे तो बड़ी गहमागहमी चल रही थी और सब लड़कियाँ डांस के कपड़े पहनने में लगी थी और किसी का कोई ध्यान मेरी तरफ नहीं था।
मैं चुपचाप ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने के लिए घुसा और अभी मैंने अपने कपड़े पूरे उतारे भी नहीं थे कि दो डांसर बातें करती हुई ड्रेसिंग रूम में घुसी और मैं झट से लेडीज के कपड़ों वाली ट्राली के पीछे बैठ गया और आगे का तमाशा देखने लगा।
थोड़ी देर बाद रूबी मैडम भी ड्रेसिंग रूम में आई और उनसे बोली- आप दोनों को अपनी ड्रेस का स्टाइल पता है ना आज के लिए, क्यों?
दोनों ने हामी में सर हिला दिया और तब रूबी मैडम उनको छोड़ कर कमरे से बाहर हो गई और वो दोनों लड़कियाँ अपने कपड़े उतारने लगी।
मैं दम साध कर बैठा रहा और उन लड़कियों को स्ट्रिप शो को देखता रहा।
पहली लड़की ने कहा- हेमा, तुमने नीचे आज क्या पहना है?
दूसरी लड़की जिसका नाम हेमा था, बोली- आज कोई पैंटी नहीं और न ही ब्रा ही पहनी है क्योंकि यह मोटे कपड़े वाली ड्रेस पहन कर बहुत ही गर्मी लगे गी शूटिंग करते वकत। और तू क्या पहन रही है नीचे?
पहली लड़की बोली- फिर मैं भी नीचे कुछ नहीं पहनती ना, लगने दे थोड़ी खुली हवा इस साली चूती को? कसम से बड़ी खुजली हो रही है चूत में तू कुछ कर ना यार!
अब मैंने छुपने वाली जगह से देखा, दोनों ने अपने नार्मल कपड़े उतार दिए और बिल्कुल अल्फ नंगी हो कर कमरे में घूमने लगी।
दोनों के जिस्म बड़े ही आला किस्म के थे और उनके शरीर के खास ख़ास अंग साँचे में ढले हुए लग रहे थे।
क्या सुडौल मम्मे और वैसे ही गोल और उभरे हुए चूतड़ देख कर उन दोनों को चोदने का बड़ा मन कर रहा था।


RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

दोनों ही कपड़े बदलते समय हर मौके पर एक दूसरे के जिस्म को छूना और दबाना साथ साथ कर रही थी। दोनों की चूत पर घने बाल थे तो वो प्रोफेशनल बार डांसर नहीं थी।
दूसरी लड़की ने कहा- सुशी, यह सोमू द्वारा हमारी चुदाई का नंबर कब आएगा?
सुशी बोली- कल तो 3 नंबर का काम हुआ है और हमारा नंबर 5 है सो शायद हमारा कल नंबर आयेगा।
हेमा बोली- तुम क्या सोचती हो, क्या यह सोमू कुछ कर भी सकता है या फिर ऐसे ही सब लड़कियाँ हेकड़ी मार रहीं हैं?
सुशी बोली- यह तो वक्त आने पर ही पता चलेगा लेकिन एक बात तो माननी पड़ेगी कि साला है बहुत ही क्यूट लड़का यार। दिल करता है कि साले को कच्चा ही चबा जाऊँ चूत में डाल कर।
हेमा बोली- हाँ यार, है तो क्यूट लेकिन बिल्कुल छोकरा लगता है चाहे कद बुत उसका आदमियों जैसा है और उम्मीद है उसका हथियार भी आदमियों जैसा ही होगा।
जब उन्होंने अपनी डांस ड्रेस पहन ली तो एक दूसरी की बाँहों में बाहें डाल कर कमरे से बाहर हो गई और मैं भी अपनी ड्रेस पहन कर बाहर आ गया।
रूबी मैडम सबको आज का डांस सीन समझा रही थी जिसमें उन्होंने मुझको खासतौर से सम्बोधित करते हुए कहा- सोमू, आज एक खास डांस सीन तुम्हारे और हेमा नाम की डांसर के साथ लिया जाएगा जो काफी क्लोसअप में होगा और वो काफी सेक्सी भी होगा। इसलिए जैसे ही सब नदी किनारे जाते हैं तब मैं तुमको और हेमा को थोड़ी डांस सीन की प्रैक्टिस करवा दूंगी। ठीक है?
मैंने और हेमा ने हामी भर दी।
थोड़ी देर में जब बाकी सब डांसर वहाँ से चली गई तो रूबी मैडम ने बाजे पर उसी डांस का म्यूजिक लगा दिया और मुझको समझाने लगी कि कैसे यह डांस करना है।
रूबी मैडम ने अपने साथ प्रैक्टिस के लिए कहा और मुझको अपने पीछे खड़े कर के मेरे आगे के हिस्से को उसकी कमर के साथ जोड़ कर डांस करने के स्टेप्स सिखाने लगी।
रूबी मैडम ने सिल्क की बड़ी पतली साड़ी पहन रखी थी और जैसे ही मैंने अपना आगे का हिस्से उसके चूतड़ों के साथ में जोड़ा तो टन से मेरा लंड मेरे अंडरवियर में खड़ा हो गया और वो रूबी मैडम को ज़रूर फील हुआ लेकिन उसने भी कोई ऐतराज़ किये बगैर प्रैक्टिस जारी रखी और हमने 3-4 बार ये स्टेप्स दोहराये।
फिर रूबी मैडम ने अपनी जगह हेमा को खड़ा कर दिया और फिर हम दोनों ने यह स्टपेस कई बार दोहराये और हर बार मैंने जब अपना अगला हिस्सा हेमा के चूतड़ों के साथ जोड़ा तो हेमा के शरीर में एक सिहरन दौड़ जाती थी।
मेरा तो लंड तब से ही अकड़ा हुआ था जब से मैंने यह स्टेप्स रूबी मैडम के साथ किये थे और उसकी पतली रेशमी साड़ी के साथ लंड लाला जब रगड़ खाता था तो मेरे को और रूबी मैडम के अंदर बिजली का हल्का करेंट ज़रूर महसूस होता था।
हेमा के साथ यह सेक्सी डांस करते हुए मेरा लौड़ा पूरी तरह से खड़ा था लेकिन मेरे अंडरवियर के अवरोध के कारण वो दिख नहीं रहा था लेकिन जिसके साथ यह हॉट डांस किया जा रहा था उसको मेरा लौड़ा पूरी तरह से महसूस हो रहा था।
और यही हाल हेमा का था, वो हर बार मेरे लंड की लम्बाई और चौड़ाई महसूस कर रही थी और मैंने ख़ास तौर से नोट किया कि मेरा खड़ा लंड उसके चूतड़ों के साथ लगते ही उसका चेहरा लाल हो जाता था और वो कोशिश करती थी कि ज़्यादा टाइम वो मेरे लौड़े से चिपकी रहे और मुझको भी उसके ऐसा करने से बहुत अधिक आनंद आ रहा था।
फिर हम जल्दी ही नदी किनारे आ गए, वहाँ सारा स्टाफ हमारी राह देख रहा था।
वहाँ पहुँचते ही कैमरा स्टाफ और स्पॉट बॉयज अपने काम में लग गए और फिर शुरू हुई वहाँ भी रिहर्सल और हमारे हॉट और सेक्सी डांस को देख कर के सबके मुंह खुले के खुले रह गए।
मेरा और हेमा का सोलो डांस हुआ और जब वो कैमरा में कैद हो गया तो मधु मैडम ने बाकी डांसरों के साथ भी यह डांस शूट किया यानि बीच में मैं और हेमा चिपको डांस कर रहे थे और हमारे चारों तरफ बाकी लड़कियाँ भी डांस करने लगी।
फिर उसके बाद मेरा चिपको डांस सब लड़कियों के साथ फिल्माया गया और मेरे खड़े लंड की महिमा सब लड़कियों ने महसूस की।
लंच ब्रेक में हेमा मेरे पास आई और बोली- सोमू यार, तुमने तो मुझको बहुत गरम कर दिया, इसको अब ठंडा भी तो करो ना!
मैंने आस पास देखा और अपने पास किसी को नहीं पाया तो मैंने हेमा से कहा- आओ तो फिर चलो मेरे साथ, तुमको पूरा ठंडा कर देते हैं।
मैं उसको बाइक पर बिठा कर अपनी झाड़ी वाली जगह में ले आया उसको और अंदर ले जा कर उसको कामुक किसिंग शुरू कर दी और फिर जल्दी ही उसका लहंगा ऊपर करके, पजामी को नीचे करके मैंने उसकी बहुत ही गीली चूत में पीछे से अपना खड़ा लंड डाल दिया और फिर धीरे और तेज़ धक्कों से उसकी चुदाई शुरू कर दी।
हेमा बेहद कामुक हो चुकी थी, वो जल्दी ही पानी छोड़ गई लेकिन मैं अभी भी पूरी तरह से ठंडा नहीं हुआ था तो मैं हेमा की चुदाई में लगा रहा।
कोई 10 मिनट की चुदाई के बाद हेमा फिर हाय हाय करते हुए छूट गई।
अब मैंने उसको बालों से पकड़ा और उसका मुंह अपनी तरफ कर के हँसते हुए पूछा- बोल हेमा, अब क्या कहती है मेरे लंड के बारे में? यह कुछ कर भी सकता है या फिर यों ही लड़कियाँ हेकड़ी मार रही हैं इसके बारे में? बोल साली?
हेमा एकदम हैरान रह गई और बोली- यह क्या कह रहे हो सोमू? यह मैंने कब कहा?
मैं बोला- ड्रेसिंग रूम में सुशी के साथ जो बातें मेरे लंड के बारे में की थी वो मैंने सब सुन ली थी। मैं तुमको यहाँ सबक सिखाने के लिए लाया हूँ? अब बोलो ना कैसा लगा मेरे लंड का स्वाद? बड़े आदमियों जैंसा है क्या मेरा लंड? तुम्हारा कुछ काम बना या नहीं?
हेमा जल्दी से बोली- सॉरी सोमू, वो मैं यूँही सुशी से तुम्हारे बारे में बात कर रही थी। अगर तुम को बुरा लगा हो तो प्लीज माफ़ कर दो प्लीज सोमू। 
मैंने उसको अपनी बाँहों में लेकर होटों पर एक स्वीट किस कर दी और बोला- अभी और लंड की मार खानी है या यह अभी के लिए काफी है?
हेमा भी हंसने लगी- वाह सोमू, तुम्हारा लंड तो कमाल का है, अभी भी खड़ा है जबकि मेरा इसने 3 बार पानी छूटा दिया है। मैं इसको ज़रा चूम लूँ क्या?
फिर नीचे बैठ कर मेरे लंड को चूसने लगी।
थोड़ी देर बाद हम दोनों वहाँ से निकल कर शूटिंग वाली जगह पर पहुँच गए और वहाँ अभी भी खाना चल रहा था।
जैसे ही हम दोनों वहाँ पहुँचे तो सब लड़कियाँ अपनी खाने की प्लेटें ले कर हमारे पास आ गई और पूछने लगी- आप दोनों ठन्डे होकर आ गए क्या?
मैं बोला- हाँ, बहुत बर्फ खाई तो ठन्डे तो होना ही था! आप में कोई और बर्फ खाकर ठंडा होना चाहती है क्या?
सुशी बोली- क्यों हेमा, सोमू ने तुमको बहुत बर्फ खिलाई थी क्या?
हेमा बोली- हाँ, सुशी क्या ठंडी और गर्म बर्फ है, सोमू के पास आते ही गर्म हो तो ठंडा पड़ जाता है और ठंडा हो तो गरम हो जाता है। कमाल की चीज़ है इसके पास।
इन में से दो लड़कियाँ बोली- हमें कब गर्म और फिर ठंडा करोगे सोमू जी महाराज?
मैं खाना खाते हुए बोला- जब तुम कहो तभी कर देंगे? वैसे आप सबने मेरा नाप तो ले ही लिया होगा। हमारा तो एक ही असूल है ‘जिस मन भावे, तिस के भीतर जावे…’
सब एक साथ बोल पड़ी- हमारे मन तो बहुत भा गया है, अब भीतर कब जावेगा।
मैं बोला- जब पर्दा हटेगा सामने से, अंदर चला जावे बुलाने से।
ज़ूबी बोली- हटा देंगे पर्दा भी अगर हम चाहें!
मैं बोला- आ जायेगा सामने जब आप चाहें।
ज़ूबी बोली- वाह सोमू राजा, क्या तुकबंदी कर लेते हो यार तुम भी।
मैं बोला- ज़हे नसीब जो आप मुस्कराये, तभी हमें आप इतना भाये।


RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

थोड़ी देर में लंच खत्म हो गया और फिर से शूटिंग का काम शुरू हो गया अब मेरे साथ दो दो डांसरों ने चिपको डांस करना था और पहली थी ज़ूबी और दूसरी थी जूली।
रिहर्सल में दोनों ने मेरे को खूब हाथों से छुआ हर जगह, यहाँ तक ज़ूबी तो लौड़े पर हाथ रख कर बड़ी देर तक डांस करती रही और मैं भी उन दोनों के मम्मों और चूतड़ों पर हाथ फेरने से बाज़ नहीं आता था।
जब फाइनल टेक हुआ तो वो इतना अच्छा और सेक्सी था कि मधु मैडम और रूबी मैडम ने मुझको एक बहुत ही हॉट जफ्फी मारी और जल्दी से लंड पर भी हाथ लगा दिया।
शूटिंग के बाद हम सब कॉटेज पहुँच गये और वहाँ गर्म गर्म पकोड़े और गर्म जलेबी तैयार थी तो सब शाम की चाय के साथ इन सब चीज़ों का आनन्द उठाने लगे।
मैं कपड़े बदलने के लिए ड्रेसिंग रूम में गया और वहाँ 4 लड़कियाँ कपड़े बदल रही थी। मैं वापस बाहर आने के लिए मुड़ा तो उनमें से एक लड़की ने मुझको हाथ से पकड़ लिया और बोली- क्या बात है सोमू जी? हमारे सामने कपड़े नहीं बदल सकते क्या?
मैं भी मज़ाक के लहजे में बोला- तुम बदलो अपने कपड़े तो मैं भी बदल लूंगा। बोलो मंज़ूर है?
पहले वाली लड़की बोली- हाँ मंज़ूर है! क्यों बहनो? सोमू के सामने कपड़े बदलने के लिए तैयार हो क्या?
सबने कुछ सोचने के बाद कहा- हाँ हाँ तैयार हैं!
पहले वाली लड़की बोली- चलो ठीक है सोमू, तो शुरू हो जाओ तुम?
मैं बोला- पहले तुम और बाकी लड़कियाँ शुरू हो जाएँ तो मैं भी शुरू कर दूंगा।
पहले वाली लड़की ने अपने कपड़े उतारने शुरू किये और सबसे पहले अपना लहंगा उतार दिया और किल्ली पर टांग दिया और फिर उस ने अपनी पजामी भी उतार दी, अब वो सिर्फ अपनी पैंटी और ब्लाउज में थी।
उधर बाकी लड़कियाँ भी इसी क्रम में अपने कपड़े उतारने लगी और जब सब अपने आधे कपड़े उतार चुकी तो मेरी तरफ देखने लगी।
मैंने भी अपनी टाइट धोती को उतार दिया और अपनी ऊपर की बंडी को भी उतार दिया।
मैंने सबकी तरफ देखा तो वो सब भी पैंटीज और ऊपर वाले ब्लाउज में ही थी।
मैं बोला- आगे बढ़ो और ब्लाउज और ब्रा भी उतारो ना सब?
अब सब लड़कियाँ थोड़ी हिचकने लगी तो मैंने ज़ोर डाल कर कहा- अपना वायदा पूरा करो लड़कियों? जल्दी से ब्लाउज और ब्रा उतारो यारो!
सबसे पहले बोलने वाली लड़की ने कहा- हाँ हाँ उतारो ब्लाउज और ब्रा सब… नहीं तो हमारी हार हो जायेगी।
और यह कह कर उसने अपने ब्लाउज और ब्रा को उतार कर किल्ली पर टांग दिया।
अब वो सिर्फ एक पिंक पैंटी में थी और उसके सुन्दर और आकर्षक मम्मे एकदम सामने अकड़े खड़े थे।
वो चारो तरफ घूम कर अपनी सुंदरता का प्रदर्शन कर रही थी और अब उसकी देखा देखी बाकी लड़कियाँ भी ऊपर से नंगी हो गई थी और सिर्फ विभिन्न रंगों की पैंटीज में थी।
सुन्दर और सडौल शरीर थे उन सबके और उनको अपनी ख़ूबसूरती पर नाज़ भी था।
इधर मेरा लौड़ा भी पूरी तरह से खड़ा था तो मैंने कह दिया- मेरे खड़े लंड के दर्शन करने हों तो मैं अपना अंडरवियर उतार देता हूँ और तुम सब अपनी पैंटीज उतार दो! बोलो मंज़ूर है क्या?
सब आपस में खुसर फुसर करने लगी, फिर पहले वाली लड़की बोली- मैं तो तैयार हूँ वो इसलिए कि शायद सोमू द्वारा हमारे को फ़क करने की बारी आज या फिर कल आ जाये तो तब उसको तो दिखाना है ही, तो अब क्यों नहीं?
यह कह कर उसने अपनी पैंटी उतार दी और उसकी बालों से भरी चूत सामने आ गई। 
बाकी लड़कियों ने भी जल्दी से अपनी पैंटीज़ को उतार दिया और अब मेरे सामने 4 हसीना अल्फ नंगी खड़ी थी।
मैं भी धीरे से सब लड़कियों के सामने अंडरवियर में घूम गया और फिर धीरे से अपने अंडरवियर में हाथ डाल दिया और धीरे धीरे उस को उतार दिया और मेरा लंड उछल कर बाहर आ गया।
सब लड़कियों ने हैरानी व्यक्त की और कुछ तो दौड़ को लंड को पकड़ने के लिए आगे आ गई।
सबने बारी बारी उसको छुआ और कुछ ने चूमना शुरू कर दिया।
मैंने भी सब लड़कियों के मुम्मे और चूतड़ों पर हाथ फेरा और उनको मसला।
अब मैंने कहा- चलो हो गया चूत और लंड दर्शन, अब चल कर खाना खाते हैं।
सबने जल्दी से कपड़े पहन लिए और बाहर आ गए, सबसे पहले मैं निकला और बाद में सब लड़कियाँ भी बाहर आ गई।
आज मीट कोरमा और चावल बने थे, सबको बहुत ही अच्छा लगा और फिर सबको कुल्फ़ी भी खिलाई गई।
खाने के बाद रूबी और मधु मैडम कार में बैठ कर हवेली चली गई।
कम्मो ने बताया कि आज कमरा न. 4 की बारी है, वो उन लड़कियों को ले कर आ गई लेकिन उन दोनों ने अपनी मज़बूरी ज़ाहिर कर दी और मना कर दिया।
मैंने कम्मो के कान में कहा- आज तुम कमरा न. 5 और 6 वालियों को बुला लो!
जब वो लड़कियों को लेकर वापस आई तो उनमें सुशी और हेमा थी और वो दोनों भी थी जो मेरे साथ ड्रेसिंग रूम में भी थी। वो सब मुझको देख कर बड़ी खुश हुई और मुझ को घेर कर अपने कमरे में ले गई।
साथ में कम्मो भी थी।
ड्रेसिंग रूम वाली लड़कियों के नाम डॉली और जॉली था।
हेमा और मेरा साथ तो चिपको डांस से ही था तो हम एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे और सुशी ड्रेसिंग रूम में ही थी जब मैंने हेमा को वहाँ देखा था।
डॉली और जॉली अलबत्ता मेरे लिए नई थी हालाँकि इन दोनों को मैं पूरा नग्न देख चुका था ड्रेसिंग रूम में।
कमरे में घुसते ही हेमा ने मुझको पकड़ लिया और एक जफ्फी मुझको डाल दी और मेरे होटों को चूमने लगी।
उसको छोड़ कर मैंने सुशी को पकड़ लिया और उसके कान में धीरे से कह दिया- लंड को हाथ लगा कर देख लो, कैसा है यह? तुम्हारा काम कर सकेगा कि नहीं?
सुशी थोड़ी शरमाई और बोली- वक्त आने पर उसको भी देख लेंगे। वैसे हेमा कह रही थी कि आपके उसने उसको तीन बार हे-मा हे-मा कहने पर मजबूर कर दिया था।
मैं हंस कर बोला- हाँ, वो कुछ इसी तरह बोल रही थी जब मेरा बम्बू लगा बैठा था 3 बार उसमें अपना तम्बू।
सुशी और दूसरी लड़कियाँ अब कम्मो की तरफ देख रही थी और कम्मो ने फैसला किया कि पहले डॉली की बारी है और उसके बाद जॉली का नंबर लगेगा लेकिन लड़कियाँ अपने कपड़े उतार कर एक दूसरी के साथ आनन्द ले सकती हैं।
अब उनमें कपड़े उतारने की होड़ लग गई और सबसे पहले नंबर पर आई डॉली और वो भाग कर मेरे से आकर चिपक गई, मुझको चिपको डांस करने के लिए मजबूर कर दिया और फिर उसने मेरे कपड़े भी उतार दिए और मैंने बारी बारी से सबके साथ चिपको डांस किया।
मधु और रूबी मैडम ने इस डांस के स्टेप्स ऐसे बनाये थे कि कोई भी जोड़ा इस डांस को करते हुए एकदम से बहुत ज़्यादा कामातुर हो जाएगा।
चिपको डांस करते हुए मेरा लौड़ा हमेशा या तो उनके चूतड़ों के अंदर गांड से चिपका हुआ रहता था या फिर अगर सामने से यह डांस किया जाता था तो लौड़ा सीधे लड़की की चूत द्वार पर दस्तक देता था।
कम से कम दो लड़कियाँ यह चिपको डांस आगे से करते हुए ही झड़ गई थी क्योंकि मेरा लंड डांस करते हुए उनकी चूत में भग को रगड़ता था जिससे उनमें कामातुरता बहुत अधिक बढ़ जाती थी और वो सब कई दिनों से लंड की प्यासी थी सो जल्दी ही स्खलित हो जाती थी।


RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

मैंने कम्मो के इशारे पर डॉली को खड़े खड़े ही चोदने का प्लान बनाया और इस काम के लिए मैंने डॉली को अपने से चिपका कर थोड़ी देर चूमा चाटा लेकिन वो तो अभी ही बहुत चुदवाने के लिए अधीर हो रही थी तो मैंने उसकी एक टांग ऊपर उठा कर और उसकी बाहें अपने गले में डाल कर लंड की एंट्री मार दी और वो उसके अधिक गीलेपन के कारण फटाक से पूरा ही अंदर चला गया और फिर हम धीरे धीरे एक दूसरे को फक करने लगे।
सब लड़कियाँ बड़े ध्यान से हमारे यह नए ढंग की चुदाई देख रही थी और अपनी गर्ल पार्टनर को और भी गर्म कर रही थी।
डॉली काफी गर्म हो चुकी थी, वो ज़्यादा धके बर्दाश्त नहीं कर सकी और जल्दी ही मेरे से ज़ोरदार चिपकी मार कर छूट गई।
कम्मो ने जॉली को तैयार कर रखा था, वो बेड पर थोड़ा झुक कर खड़ी थी और मैंने अपने डॉली की चूत के पानी से भीगे लंड को छपाक से जॉली की चूत में डाल दिया और वो खुद ही आगे पीछे होकर मुझको ही चोदने लगी और मैं सिर्फ उसके मुम्मों के चूचुकों से खेलता रहा और उसके मुलायम चूतड़ों को हाथ लगा कर खूब आनन्द लेता रहा।
क्यूंकि ये फ़िल्मी कलियाँ थी तो इन्होंने अपने शरीर को मेहनत से संभाल के रखा था और शरीर की सुंदरता को अच्छी तरह से कायम रखा था।
जॉली की चुदाई के वक्त उसकी शारीरिक सुंदरता अति लुभावनी थी और दिल चाह रहा था कि उसके शरीर के हर अंग को चूमता और चाटता रहूँ।
बहुत अधिक कामुक हुई जॉली जल्दी ही हाय हाय चिल्लाती हुई स्खलित हो गई।
अब नंबर था सुशी का जिसको कम्मो ने अभी से बेड पर बिठा रखा था।
मैं जैसे ही जॉली से फारिग हुआ तो कम्मो ने मुझको भी बेड पर बिठा दिया और सुशी को अपनी टांगें फैला कर मेरे दोनों तरफ रख कर लंड के ऊपर बिठा दिया।
अब सुशी का चुनाव था कि वो कैसे चुदना चाहेगी तेज़ या फिर धीरे धीरे।
और चुदाई की सारी मेहनत अब सुशी के ऊपर थी।
उसने पहले कुछ धीरे धीरे चोदना शुरू किया और फिर धीरे से चुदाई की स्पीड तेज़ करने लगी।
मैंने सुशी के चूतड़ों के नीचे अपने दोनों हाथ रखे हुए थे ताकि उसकी चूत मेरे लौड़े के निशाने पर रहे और उसकी दोनों बाहें मेरे गले में थी।
कभी हम डीप किस भी कर लेते थे और कभी मैं उसके गोल और मोटे मुम्मों को चूस भी लेता था।
चुदाई के इस पोज़ में भी सारी मेहनत लड़की या फिर औरत को करने पड़ती थी और आदमी सिर्फ अपने लौड़े को खड़ा रखने की कसरत करता था।
थोड़ी देर में सुशी मेरे गले में बाहें डाले हुए अपनी चूत को आगे पीछे करते हुए एक झूले का आनन्द लेने लगी। अब मैंने सुशी की गांड में हाथ की ऊँगली डाल दी और सुशी और भी जोश से मुझ को चोदने लगी।
थोड़ी देर तीव्र चुदाई के बाद सुशी मेरे गले से चिपक गई और अपनी चूत को मेरे लौड़े से जोड़ कर कंपकंपाती हुई झड़ गई।
कम्मो ने सुशी को वहाँ से उठाया और उसकी जगह हेमा को ले आई और मुझको लेटने को कह कर उसने हेमा को मेरे ऊपर से मुझको चोदने के लिए कहा।
हेमा तो मेरे से पहले ही चुद चुकी थी, उसको चोदने का मेरे मन में कोई विशेष आकर्षण नहीं था, फिर भी उसको भी चोदना मेरी ड्यूटी थी और सच कहूँ तो हेमा चुदाई की मास्टर थी, इतना अधिक चुदाई की शौक़ीन थी कि कोई भी मौका इस काम का नहीं छोड़ना चाहती थी।
हेमा मेरे ऊपर बैठ कर पहले धीरे धीरे से ऊपर नीचे हो रही थी और मैं उसकी काली डोडियों से खेल रहा था लेकिन उसकी चूत इतनी रसीली हो चुकी थी कि उसकी चूत का पानी टपक कर मेरे पेट पर जमा हो रहा था।
हेमा सबसे बेखबर आँखें बंद किये मुझको चोदने में मगन थी।
उसके गोल और मोटे मम्मे बार बार ऊपर नीचे हो रहे थे और उसकी बालों से भरी चूत मेरे हरियाले लंड को बार बार पूरा निगल जाती थी और फिर उसका थोड़ा सा रस चूस कर वापस ऊपर हो जाती थी।
मैंने उसकी उभरी हुई चूत में हाथ डाला तो वो अत्यंत गीली हो चुकी थी लेकिन मैंने उसके मोटे भग को छूना और मसलना शुरू कर दिया और अब हेमा की चुदाई स्पीड एकदम से तेज़ होने लगी और मैं उसके उछलते स्तनों को एक हाथ से पकड़ कर मसलने लगा।
अचानक सबने देखा कि हेमा का मुंह थोड़ा सा खुला और एक ज़ोरदार हुंकार उसके मुंह से निकल गई और वो स्खलित होते हुए मेरे ऊपर पसर गई।
उसकी सिकुड़ती हुई चूत मेरे लंड को दोहने की कोशिश में थी लेकिन मेरी ट्रेनिंग और सेल्फ कंट्रोल के कारण मेरा एक बूँद वीर्य भी नहीं निकला इस सारी चुदाई प्रकरण में!
लेकिन इस चुदाई सेशन और फिर सारा दिन की कामुक डांस प्रक्रिया के कारण मेरे अंडकोष में वीर्य को रोकने के कारण थोड़ा भारीपन आ रहा था और अब उचित समय था कि मैं वीर्य स्खलन कर लेता तो जैसे ही मैं हेमा को चोद कर उठा, सामने कम्मो आ गई और मैंने उसको पकड़ा और बेड पर लिटा दिया और सिर्फ उसकी साड़ी ऊपर करके उसकी चुदाई शुरू कर दी।
ऐसी तेज़ धकम्पेल शुरू की मेरे बेलगाम घोड़े ने कि कम्मो की एकदम रसीली चूत भी उसको नहीं रोक सकी।
गहरे धक्के, ज़ोरदार धक्के मारते हुए मैंने कम्मो को चोदना शुरू कर दिया।
इतनी देर से चुदाई के माहौल में रहते हुए कम्मो भी अपनी कामुकता के शिखर पर पहुँच चुकी थी, वो जल्दी ही अपने चूतड़ों को उठा उठा कर मेरे लौड़े का स्वागत कर रही थी।
आँखों ही आँखों से वो मेरा धन्यवाद कर रही थी कि मैंने देखा डांस वाली सारी लड़कियाँ गुरु और चेले की लंड और चूत की लड़ाई बड़े ध्यान से देख रही थी।
कम्मो मेरी हालत से पूरी तरह से वाकिफ थी और वो चाहती थी कि मेरा वीर्य जल्दी छूट जाए लेकिन मैं भी इस कोशिश में था कि हम दोनों साथ साथ छूटें।
फिर कम्मो का शरीर एकदम अकड़ा और उसका पानी भी छूटने लगा और तभी कम्मो की चूत ने एक ट्रिक खेली और मैं भी अपने वीर्य के बाँध को रोक नहीं सका और मेरा भी फव्वारा ज़ोर से छूटा और मैं कम्मो के गुदाज़ शरीर पर लुढ़क गया।

कम्मो ने मेरे सर को सहलाया और हम दोनों उठ बैठे।
और यह देख कर सब लड़कियाँ हैरान थी कि मेरा लंड अभी भी पूरी तरह से खड़ा था और हवा में लहलहा रहा था।
थोड़ी देर बाद हम दोनों बाइक पर बैठ कर हवेली पहुँच गए।
मैं अपने कमरे में पहुँचा ही था कि पर्बती आई और बोली- छोटे मालिक, आपको मम्मी और बड़े मालिक याद कर रहे थे, कहा है कि जैसे ही आप पहुँचें, मैं आपको बता दूँ!
यह कह कर वो जाने लगी लेकिन मैंने उसका हाथ पकड़ लिया, उसको अपनी तरफ खींच उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी और साथ ही उसके मोटे गुदाज़ मुम्मों को भी मसल दिया।
वो कहती रही- यह क्या कर रहे हो छोटे मालिक? कोई आ जाएगा, छोड़ो न प्लीज!
जैसे जैसे वो बोलती थी, वैसे ही मैं उसके जिस्म पर हाथ लगा रहा था।
मैंने उसको आलिंगन में लेकर उसकी धोती को ऊपर उठा दिया और उसकी बालों से भरी चूत पर हाथ फेरने लगा।
पर्बती की चूत एकदम सूखी थी, उसको ऊँगली से गीली किया मैंने, उसको कहा कि आज रात वो काम खत्म करके मेरे कमरे में आ जाए, आज उसकी चुदाई की रात है।
मैं जल्दी से मम्मी पापा के कमरे में पहुँच गया जहाँ वो मेरा इंतज़ार ही कर रहे थे।
पापा बोले- सोमू बेटा पिछले कुछ दिनों से मैं देख रहा हूँ कि तुम बहुत ही ज़्यादा काम कर रहे हो, जब से ये फिल्म वाले यहाँ आये हैं, तुम्हारा काम बहुत ही बढ़ गया है, तुम छुट्टियाँ मनाने यहाँ आये हो बेटा, काम करने नहीं।
मैं बोला- नहीं पापा, काम कोई ख़ास ज़्यादा नहीं है और मुझको इस काम में बहुत अधिक मज़ा आ रहा है, और फिर सारा काम तो कम्मो और उसकी सहेलियों ने संभाल लिया है, मैं तो ऊपर से ज़रा देखभाल कर रहा हूँ।
मम्मी बोली- शाबाश सोमू, तुम वाकयी में बड़े हो रहे हो।
मैं ज़रा झिझकते हुए बोला- पापा वो फिल्म वालों ने मुझको डांस ग्रुप में भी शामिल कर लिया है तो मैं डांस की शूटिंग डांसर्स के साथ कर रहा हूँ।
पापा मम्मी दोनों बहुत खुश हुए और पापा बोले- वेरी गुड बेटा, यह तो बहुत ही अच्छी खबर तुमने सुनाई। हमने तुमको इसलिए बुलाया है कि कल हम 3 दिनों के लिए बरेली जा रहे हैं जहाँ मेरे एक ख़ास दोस्त की लड़की की शादी है तो पीछे से तुमने घर को संभालना है! ठीक है?
मैं बोला- वो तो मैं संभाल लूंगा लेकिन यह पंचोली साहिब से आपकी क्या बात हुई है पैसे के बारे में?
पापा बोले- पंचोली साहिब ने एक लाख रुपया एडवांस में जमा कर दिया है मुनीम जी के पास! पैसे का हिसाब किताब वो देख रहे हैं, जब ये लोग जाएंगे तो फाइनल हिसाब मुनीम जी कर लेंगे। ये लोग तुमको क्या फीस दे रहे है डांस के लिए?
मैं बोला- मैंने पूछा नहीं डांस डायरेक्टर से! कुछ दे दें तो इनकी मर्ज़ी है और अगर ना भी दें तो फ़र्क नहीं पड़ता क्यूंकि मैं बड़ा मज़ा ले रहा हूँ।
पापा बोले- ठीक है सोमू बेटा, जैसा तुम ठीक समझो। हम सुबह जल्दी चले जाएंगे। जाओ बेटा, अब सो जाओ बेटा, सारे दिन की भाग दौड़ से थक गए होंगे।
मैं अपने कमरे में पहुँचा ही था कि देखा मधु मैडम और रूबी के कमरे की लाइट जल रही है, मैं दरवाज़ा खटका कर अंदर घुस गया।
दोनों एकदम नंगी एक दूसरी के साथ गुंथी लेटी हुई थी और लेस्बो सेक्स में लीन थी, मुझको देख कर दोनों एकदम चौंक गई।
मैं बोला- वेरी सॉरी मैडम जी, मैंने तो दरवाज़ा खटखटया था लेकिन शायद आप बहुत बिजी थी इसीलिए सुना नहीं। कुछ हेल्प करूँ आप दोनों की?
रूबी तो चुप रही लेकिन मधु मैडम बोली- अरे सोमू राजा, आओ आओ, क्या ठीक टाइम पर आये हो!
मधु मैडम वैसे ही नंगी खड़ी हो गई और आगे बढ़ कर मुझ को अपने से लिपटा लिया, मेरी चुम्मियाँ लेती हुई मेरे को सारे कमरे में घुमाने लगी।
मेरे को अपने से चिपकाए हुए ही बोली- यार सोमू, क्या सेक्सी डांस किया था आज तुमने! मेरी तो पुसी में क्लिट्टी खड़ी हो गई थी! उफ़्फ़ क्या फड़कता डांस था!
मैं बोला- मैडम जी, डांस के स्टेप्स तो आप दोनों के ही थे, बहुत ही हॉट डांस है! क्या यह सेंसर बोर्ड से पास हो जाएगा मैडम?
मधु मैडम बड़े जोश से बोली- ज़रूर होगा! आओ सोमू राजा, अपने कपड़े उतार दो, फिर चिपको डांस करते हैं हम तीनों।
मैंने रूबी मैडम की तरफ देखा, वो अपनी चूत में ऊँगली डाल कर हल्के हल्के अपनी भग को मसल रही थी।
मैंने कहा- ठीक है!
मधु मैडम ने जल्दी से मेरे कपड़े उतार दिए और फिर मैं और मधु मैडम धीरे धीरे से चिपको डांस करने लगे।
डांस करते वकत मेरा लंड मैडम की चूत में ऊपर से घुसा हुआ था और उसकी भग को रगड़ मार रहा था।
जैसे जैसे मैडम को मज़ा आ रहा था, वैसे वैसे ही वो मेरे से चिपकती जा रही थी।
दो तीन चक्कर कमरे के लगाने के बाद वो मुझको लेकर बेड पर आ गई, मुझको बेड पर लिटाने की कोशिश करने लगी लेकिन मुझको तो चिपको डांस में बड़ा आनन्द आ रहा था तो मैं उसको कस कर कर अपने से चिपकाये हुए घूमता रहा और 2 चक्कर के बाद ही लंड और भग की घिसाई के कारण मधु मैडम का पानी छूट गया और वो कांपती हुई मेरे गले से लिपट गई।
रूबी मैडम अब उठी और अपने उन्नत उरोजों के साथ एक गज गामिनी की तरह मेरी तरफ बढ़ी, आँखों में कामुकता की खुमारी लिए हुए वो मेरे निकट आई और मेरे सीधे तने हुए लौड़े को अपने हाथ में ले लिया और उसको चूम कर बोली- क्यों बे लंडम, तुझको अपने पर बड़ा घमंड है ना कि तुझको कोई हरा नहीं सकता? चल आ, आज मैं तेरा घमंड चूर चूर कर दूंगी साले।
यह कह कर वो नीचे बैठ गई और मेरे लंड को पागलों की तरह चूमने और चूसने लगी।
उसका चुसाई का खेल कोई 10 मिन्ट चला होगा लेकिन जब लंड पर कोई असर नहीं पड़ते देख कर वो मुझको खींच कर बिस्तर पर ले गई और मुझको नीचे लिटा कर आप मेरे ऊपर चढ़ बैठी और बड़े ज़ोर की धक्काशाही शुरू कर दी।
मैं मन ही मन मुस्करा रहा था क्यूंकि इस चुदाई के दौरान वो दो बार स्वयं झड़ चुकी थी लेकिन फिर भी हार नहीं मान रही थी।
मैं भी अपनी बाहें अपने सर के नीचे रख कर बड़े आराम से रूबी के करतब देख रहा था।
जब दो बार रूबी फिर छूट गई तो थक कर मेरे ऊपर पसर गई तब मधु मैडम आगे बड़ी और रूबी को हटा कर खुद मेरे लौड़े पर विराजमान हो गई।
जब उसने भी सारे हथकंडे आज़मा लिए और स्वयं 3 बार पानी छोड़ गई और मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकी तो उसने भी हाथ खड़े कर दिए।
तब मधु मैडम ने कहा- उफ़्फ़ रूबी, मैं तो भूल गई सोमू राजा तो बिमारी से ग्रस्त है इस बिमारी की वजह से इसका लंड काफी देर खड़ा रह सकता है और कोई चूती इसको हरा नहीं सकती और जब यह चाहे इसका वीर्य भी छूट सकता है।
रूबी बोली- मधु मैडम जी, आपको यह पहले बतलाना चाहिए था ना! हम खामख्वाह इतनी मेहनत करते रहे इसका छुटाने के लिए! इस चक्कर में मेरा 4-5 बार छूट गया!
मैंने कहा- अच्छा चलो आज की सभा विसर्जित करते हैं और कल देखेंगे क्या होता है? वैसे मैडमो, आपका चिपको डांस हिट हो जाएगा अगर सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया तो! अच्छा मुझको क्या मिलने वाला है इस डांस के लिए?
मधु मैडम बोली- तुमको क्या चाहिए सोमू यार? तुम्हारे पास तो सब कुछ है धन, मन, लन, फन और क्या चाहिए?
मैं बोला- मैडम जी, मेरी जेब खर्ची के लिए पैसे चाहिए होते हैं ना! मैंने आपके लिए इतने दिन डांस किया और मुफ्त का मैनेजर बना तो उसका कुछ तो फायदा होना चाहिए ना?
मधु मैडम बोली- तुम घबराओ नहीं सोमू यार, मैंने पंचोली साहिब से बात कर ली है, उन्होंने कहा है कि वो तुमको उचित मेहनताना देंगे।
मैं बहुत खुश हो गया और मैं जोश से बोला- वाह मैडम जी, चलो इसी ख़ुशी में आप दोनों को एक एक बार और चोद देता हूँ!
दोनों मैडम एक साथ चिल्ला पड़ी- नहीं सोमू, तेरे लंड ने तो हमारी चूतें चोद चोद कर लाल कर दी हैं, इनको सुजा दिया है। अब दो दिन कोई लंड वंड नहीं चाहिए।



RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

मैं हँसते हुए अपने कमरे में आ गया और लाइट जलाई तो देखा कि पर्बती मेरे बिस्तर पर सर रख कर नीचे फर्श पर बैठे ही सो गई थी।
मैं अपने कपड़े बदल कर बाथरूम से बाहर निकला और उसको हल्के से जगाया और जब वो जगी तो मैंने उसको उठा कर उसकी धोती इत्यादि उतार कर पूरी नंगी कर दिया और स्वयं भी नंगा हो गया और उसको लेकर अपने बेड में लेट गया।
पर्बती का शरीर एकदम फ्रेश और जवान था क्यूंकि उसकी उम्र भी ज़्यादा नहीं थी और उसकी शादी में चुदाई भी बहुत कम हुई थी तो उसको चोदने का अपना ही कुछ अलग आनन्द था।
मैं उसके लबों को चूमने के बाद उसके गोल गुदाज़ मुम्मों को चूसने लगा और उसकी मोटी चूचियों को मुंह में रख कर गोल गोल घुमाना मुझको बहुत ही अच्छा लगता था।
साथ साथ मैं उसकी बालों भरी चूत के अंदर छुपी भग को भी हल्के से मसल रहा था और इस तरह कुछ ही समय में वो मुझको अपने ऊपर आने का न्योता देने लगी और मैंने उसको फ़ौरन घोड़ी बना कर चोदना शुरू कर दिया।
क्यूंकि पर्बती काफी अरसे से नहीं चुदी थी तो वो पहली बार बड़ी जल्दी ही झड़ गई लेकिन मैं आज उसको पूरा काम सुख देना चाहता था। मैंने उसको लिटा कर और स्वयं भी लेट कर उसके पीछे से अपना लंड उसकी फूली चूत में डाल दिया और फिर आहिस्ता चुदाई का माहोल बना दिया। जिसमें दोनों प्रतिद्वंदी बड़े आराम से एक दूसरे को काम सुख प्रदान करते हैं।
इस पोज़ के बाद मैंने पर्बती को अपने ऊपर बिठा लिया और वो ऊपर से मुझको चोदने लगी।
क्यूंकि ऊपर वाले पोज़ में चुदाई की लगाम औरत के हाथ में होती है, वो जैसे चाहे जिस स्पीड से चाहे अपने आदमी को चोद सकती है और स्वयं पूरा आनन्द ले सकती है।
पर्बती मुझ को आनंद से चोद रही थी और अभी तक कुल मिला कर 5-6 बार छूट जाने के कारण पूरी तरह से तृप्त और संतुष्ट हो चुकी थी लेकिन फिर भी वो अभी भी वो मुझ को ऊपर से पूरे जोश से चोद ही रही थी कि जाने कब मैं गहरी नींद में सो गया।
सुबह उठा तो पर्बती जा चुकी थी और मेरे रात के कपड़े भी मुझको पहना गई थी।
थोड़ी देर बाद कम्मो मेरे लिए चाय लेकर आई और हम दोनों ने मिल कर चाय पी। उसने बताया कि मम्मी पापा सुबह जल्दी चले गए थे।
मैंने कम्मो से पूछा- शूटिंग कब तक चलेगी? मेरे कॉलेज वापस जाने के दिन भी नज़दीक आ रहे हैं।
कम्मो बोली- मेरे ख्याल से 3-4 दिन और चलेगी शायद।
मैं बोला- कम्मो, तुम सारे खर्चे का हिसाब रूबी मैडम से कर रही हो ना? जितना भी दुकान वाले का हिसाब है वो साथ ही साथ निबटा दिया करो, नहीं तो बाद में सारा खर्च हम पर आ जाएगा।
नाश्ते के टेबल पर रूबी और मधु मैडम भी मिल गई और उन्होंने बताया कि आज कोई खास प्रोग्राम नहीं है शूटिंग का सो सब फ्री हैं जैसा चाहें वो कर सकते हैं।
मधु मैडम ने मुझसे पूछा- सोमू, यहाँ कुछ ख़ास चीज़ है देखने के लिए?
मैं बोला- कोई खास जगह या चीज़ तो नहीं है देखने के लिए यहाँ पर अगर आपकी मर्ज़ी हो तो हमारा घोड़ों का स्टड फार्म है यहाँ जो शायद आप देखना चाहें?
मधु मैडम बोली- स्टड फार्म क्या होता है?
मैं बोला- यहाँ हमारे फार्म में घोड़े और घोड़ियाँ पाले जाते हैं और कई दूसरी ज़मींदार अपनी घोड़ियों को हरा करवाने भी आते हैं।
मधु मैडम बोली- घोड़ियों को हरा कैसे किया जाता है? कभी देखा नहीं।
मैं बोला- पापा ने कुछ ख़ास नसल के घोड़े पाले हुए हैं जो सिर्फ घोड़ियों के साथ सेक्स करके उनके बच्चे पैदा करना का काम करते हैं।
मधु और रूबी मैडम दोनों साथ ही बोली- अच्छा एनिमल सेक्स? क्या हम देख सकते हैं? पहले कभी देखा नहीं।
मैंने कहा- हाँ, देख सकते है लेकिन पहले मुझको कन्फर्म करने दो अपने स्टड फार्म मास्टर से कि कोई घोड़ी आई हुई है हरी होने के लिए!
मैंने राम सिंह को पुछवा लिया और उसने बताया कि आज दो बाहर की घोड़ियों को हरा करना है और एक अपने फार्म की घोड़ी को भी हरा करना है और उसने कहा कि आप मेहमानों को ला सकते हैं यह दिखाने के लिए!
मैंने सब मैडमों को बता दिया और उन्होंने फैसला लिया कि वो सब डांसर्स को ले जाएंगी यह खेल दिखाने के लिए!
कॉटेज में लड़कियों से बात हो गई और वो सब यह देखने के लिए बहुत अधिक इच्छुक थीं। 
मैडम की कार में दो तीन ट्रिप में सब लड़कियाँ स्टड फार्म पहुँच गई।
मैं और कम्मो भी उनके लिए लंच का सारा इंतज़ाम करके स्टड फार्म अपनी बाइक पर पहुँच गए।
राम सिंह ने नाश्ते पानी का इंतज़ाम कर रखा था सो सबने पहले जलपान किया और फिर राम सिंह हम सबको लेकर घोड़ों के अस्तबल ले गए जहाँ घोड़ियों के गर्भाधान की तैयारी चल रही थी।
सब लड़कियों को पता नहीं था कि क्या होने वाला है सो वो मेरे से पूछ रही थी कि क्या करेंगे ये लोग!
जब मैं बताने लगा तो सारी लड़कियाँ मुझ को घेर कर खड़ी हो गई और जब मैंने बताया कि घोड़े का 2-3 फ़ीट का लंड घोड़ी की चूत के अंदर घोड़ा डालेगा तो घोड़ी के बच्चा होने की सम्भावना बन जाती है।
तब हेमा धीरे से फुसफुसाई- कल जब तुमने हम सबके अंदर अपना लंड डाला तो क्या हमारे अंदर भी बच्चा होने की सम्भावना बढ़ गई थी?
मैं जानता था कि वो मेरी टांग खींच रही है सो मैंने भी उसी लहजे में धीरे से उसको बताया- हाँ, सम्भावना तो बढ़ जाती अगर मैं आप सबकी चूत में अपने लंड से वीर्य की पिचकारी मार देता तो? लेकिन आप सबने नोट किया होगा कि मेरा एक बूँद भी वीर्य नहीं छूटा था किसी की चूत में तो किसी को भी बच्चा होने की कोई सम्भावना नहीं है।
हम ये बातें कर ही रहे थे कि हमारा स्टार घोड़ा एक घोड़ी के पास लाया गया और वो पहले घोड़ी के चारों तरफ घूमा और फिर घोड़ी की चूत को सूंघा और फिर घोड़ी के पास गया और उसके मुंह के साथ कुछ देर छेड़छाड़ करने लगा और फिर वो वापस घोड़ी के पीछे आया और फिर उसकी चूत को सूंघा और फिर उसका लंड एकदम से खड़ा हो गया और वो एक झटके से घोड़ी के ऊपर चढ़ा और उसके 3 फुट लम्बे लंड को ज़ोर से घोड़ी की चूत के अंदर डाल दिया, कुछ पल आगे पीछे होने लगा और फिर उसने अपने लंड से ज़ोरदार पिचकारी वीर्य की छोड़ी और घोड़ी की चूत को पानी से भर कर वो नीचे उतर आया।
इसी तरह दूसरी घोड़ी भी तैयार कर के लाई गई और उस पर दूसरे घोड़े को चढ़ाया गया और वैसे ही उसका भी पानी छूट कर घोड़ी की चूत को पानी से भर गया।
मैंने लड़कियों को ध्यान से देखा कि सबके चेहरे कामुकता की गर्मी से लाल हो रहे थे और 2-3 अपने दुपट्टे को आगे करके अपनी ऊँगली से अपनी भग को सहला रही थी।
मेरे आगे खड़ी हुई तीन चार लड़कियाँ अपने चूतड़ों को मेरे लंड के साथ जोड़ कर हल्के से रगड़ा लगा रही थी और इस काम में मैं उनकी पूरी सहयता कर रहा था, एक के साथ रगड़ लगा कर दूसरी के पीछे शिफ्ट हो रहा था और तीसरी के चूतड़ों को हाथ से सहला रहा था।
जब बाकी लड़कियों ने इस खेल के आनन्द को समझा और मेरे आगे पीछे होने लगी तब तक दो घोड़ियाँ हरी हो चुकी थी और बाकी एक घोड़ी रह गई थी, उसके पीछे जब घोड़ा खड़ा हुआ तो वो बहुत ही बिगड़ रही थी और पास आने वाले घोड़े को लातें मार रही थी।
इस घोड़ी के लिए राम सिंह खुद भी अंदर चला गया और धीरे धीरे कुछ अस्फुट शब्द बोलते हुए बिगड़ी घोड़ी के बालों को सहलाने लगा और उसके कान में कुछ बोलने लगा और थोड़ी देर में ही वो घोड़ी कुछ शांत हो गई।
अब वो मस्त काला घोड़ा घोड़ी के चारों तरफ घुमा और फिर अपना बहुत ही बड़ा लंड निकाल कर घोड़ी के ऊपर चढ़ गया। कुछ देर वो आगे पीछे हुआ और फिर अपने वीर्य का फव्वारा छोड़ता हुआ नीचे उतर आया।
मेरे आगे खड़ी लड़कियों तो अब इतनी अधिक कामातुर हो चुकी थी कि वो अपनी गांड मेरे लंड के साथ खूब रगड़ रही थी और मैं भी सब के चूतड़ों को अपने पैंट में छुपे लंड से हरा पीला कर रहा था।
उधर दोनों मैडमों को कम्मो समझा रही थी और मैंने नोट किया कि रूबी मैडम तो खुले आम अपनी ऊँगली अपनी चूत में डाले कम्मो के साथ सट्ट के खड़ी थी।
इधर डांसर लड़कियों के साथ हम सब वापसी चल पड़े और तब मैंने उन लड़कियों से पूछा कि क्या उन्होंने कभी नदी में नहाने का आनन्द लिया है?
सब बोली- नहीं… लेकिन जुहू बीच में समुद्र में बहुत बार नहाई हैं।
मैंने पूछा- क्या नदी में स्नान करने की इच्छा है किसी की?
सब बोली- हाँ इच्छा तो है पर यहाँ नदी कहाँ है जिसमें नहाया जा सके?
मैं बोला- जहाँ शूटिंग हुई थी ना, उसी नदी में नहा सकते हैं अगर सबकी मर्ज़ी हो तो!
जूली बोली- अरे सोमू, उसमें तो पानी ही नहीं है ज़्यादा। नहा कहाँ सकते है उसमें?
मैं बोला- जगह है जहाँ आप सब अच्छी तरह से नहा सकती है सारे कपड़े उतार कर… आप सब की मर्ज़ी हो तब ही प्रोग्राम बन सकता है?
सब बोली- सोमू बनाओ प्रोग्राम नहाने का, हम तैयार हैं।
थोड़ी देर में कम्मो हमारी तरफ आती हुई दिखाए दी, मैंने उससे पूछा- ये लड़कियाँ नदी में नहा सकती है क्या?

और साथ ही कम्मो को आँख भी मार दी।
कम्मो बोली- हाँ, एक जगह है जहाँ गाँव वाली औरतें भी नहाती हैं, ये सब वहाँ नहा सकती हैं अगर इनकी मर्ज़ी हो तो!
सब डांसर्स तैयार हो गई और कॉटेज में जाकर सब अपने नहाने वाले कपड़े बदल कर आ गई और कम्मो उनको कार में ले गई और वहीं उतार दिया जहाँ गाँव वाली औरतें नहा कर जा चुकी थी।
सबको वो जगह बड़ी पसंद आई और वो और भी खुश हुई जब उनको कम्मो ने बताया कि यहाँ गाँव के मर्दों का आना सख्त मना है तो वो बगैर किसी प्रॉब्लम के यहाँ खुले आम नहा सकती हैं, अगर चाहें तो पूरी नंगी भी नहा सकती हैं।
मैं अपनी बाइक पर बैठ कर अपनी पुरानी झाड़ी में छुपने वाली जगह पर आ गया और बाइक को थोड़ी दूर छुपा कर पार्क कर आया और जा कर अपनी ख़ास जगह में बैठ गया।
मैं वहाँ टाइम पास करने के लिए 6 कोका कोला की बोतलें भी साथ ले आया था।
जब मैंने झाड़ी का पर्दा हटा के देखा तो डांसर्स सब नहाने के लिए तैयारी कर रही थी, दो लड़कियों को कम्मो मेरी वाली झाड़ी की तरफ ला रही थी।
मैं समझ गया कि कम्मो ज़रूर उनको पेशाब करवाने ला रही होगी और वही हुआ, उसने दोनों को बताया कि वो झड़ियों की तरफ मुंह करके पेशाब कर सकती हैं।
कम्मो ने उनको यकीन दिलाया कि यहाँ कोई भी आदमी नहीं आ सकता सो वो चाहें जितना बेशर्म हो कर सब कुछ कर सकती हैं।
दोनों ने अपने चारों और देखा और फिर सलवार को ढीला कर के पेशाब करने बैठ गई।
क्यूंकि वो सब मेरे सामने ही हो रहा था, मैं उनकी यह सेक्सी हरकत देख रहा था।
दोनों लड़कियों को मैंने डांस करते हुए देखा था लेकिन वो मेरे से चुदाने के लिए अभी तक नहीं आई थी। वो शायद कमरा नम्बर 7 की लड़कियाँ थी लेकिन दोनों काफी सुडौल और सुन्दर थी। दोनों की चूत पर काले बालों की गहरी घटा छाई हुई थी और उनके पेशाब की धार उसी बालों भरी गुफा से निकल कर काफी दूर तक जा रही थी।
दोनों बातें भी कर रही थी जो मुझको साफ़ सुनाई दे रही थी।
जो लड़की लाल रंग की सलवार कमीज पहने थी वो बोली- क्यों नीलू, क्या आज रात सोमू हमको फक कर पायेगा कि नहीं? बड़ी खुजली हो रही है चूत में यार!
नीलू बोली- देख सोनल, आज नहीं तो कल बारी आ ही जायेगी, ज़रा सब्र कर यार! वैसे लड़का है बड़ा ही सेक्सी, मैं तो चूम चूम कर साले को आधा कर दूंगी।
सोनल बोली लड़का है बड़ा ही किमामी, साले की नशीली आँखें और ज़ोरदार लंड कमाल का है।
जल्दी ही दोनों पेशाब कर के चली गई।
उनके जाने के बाद झाड़ी के बाहर नदी की तरफ देखा तो सब लड़कियाँ पानी में अठखेलियाँ कर रही थी और एक दो ने तो अपनी कमीज उतार रखी थी और अपने नंगे मम्मों के साथ आपस में खूब चूमा चाटी कर रही थी और खूब छेड़छाड़ का माहौल बना हुआ था।
थोड़ी देर बाद देखा कि कम्मो झाड़ी की तरफ आ रही है और मेरे सामने बैठ अपनी साडी ऊंची करके पेशाब करने लगी और साथ ही बोली- क्यों छोटे मालिक, सब ठीक चल रहा है ना?
मैं बोला- सब ठीक है कम्मो रानी, मेरे दिल और मेरे लंड की मल्लिका, वो जो लाल रंग की सलवार पहने लड़की है न, उसका नाम सोनल है, उसको चुदाई की बहुत इच्छा है, वो जल्दी चुदना चाहती है मुझसे! तुम उसको यहाँ ले आओ प्लीज और कहना कि सोमू बुला रहा है।
कम्मो हंस के बोली- वाह छोटे मालिक, आप और आपका यह लंडम चूत के बेहद भूखे हो, अभी लेकर आती हूँ साली सोनल को!
तब तक मैं बाहर का नज़ारा देख रहा था, कुछ लड़कियों ने पतले सफेद कुर्ते और साथ में सफेद पजामी पहन रखी थी तो उनके कुर्ते भीगने के बाद एकदम से पारदर्शी हो चुके थे और सफेद पजामी से उनकी चूत के काले बालों की एक झलक भी यदा कदा नज़र आ जाती थी।
कुल मिला कर बड़ा ही मन मोहक और लंड दोहक दृश्य था। मोटे और गोल मुम्मे और गोल उभरे हुए चूतड़ों की तो भरमार थी जिधर देखो उधर ही वो दिख रहे थे।
दो चार लड़कियाँ कुछ अधिक कामातुर हो चुकी थी, वो आपस में खूब छेड़छाड़ और पकड़म पकड़ाई में लीन थी।
कम्मो हंस के बोली- वाह छोटे मालिक, आप और आपका यह लंडम चूत के बेहद भूखे हो, अभी लेकर आती हूँ साली सोनल को!
तब तक मैं बाहर का नज़ारा देख रहा था, कुछ लड़कियों ने पतले सफेद कुर्ते और साथ में सफेद पजामी पहन रखी थी तो उनके कुर्ते भीगने के बाद एकदम से पारदर्शी हो चुके थे और सफेद पजामी से उनकी चूत के काले बालों की एक झलक भी यदा कदा नज़र आ जाती थी।
कुल मिला कर बड़ा ही मन मोहक और लंड दोहक दृश्य था। मोटे और गोल मुम्मे और गोल उभरे हुए चूतड़ों की तो भरमार थी जिधर देखो उधर ही वो दिख रहे थे।
दो चार लड़कियाँ कुछ अधिक कामातुर हो चुकी थी, वो आपस में खूब छेड़छाड़ और पकड़म पकड़ाई में लीन थी।
कुछ देर बाद मुझको बाहर से किसी के खांसने की आवाज़ आई तो मैंने झाड़ी से नदी की साइड वाली खिड़की फ़ौरन बंद कर दी और तभी कम्मो और सोनल अंदर आ गई।
सोनल झाड़ी वाली जगह को देख कर बड़ी खुश हुई और आते ही मुझ से लिपट गई और बोली- वाह!!! क्या बात है सोमू यार, क्या जगह है यह छुपने के लिए और सब कुछ करने के लिए!!
मैं मुस्कराते हुए बोला- जगह तो अच्छी है लेकिन क्या तुम सब कुछ करवाने के लिए तैयार हो?
सोनल बोली- सच बताना सोमू, तुमको कैसे पता चला कि मैं सब कुछ करवाने के लिए तड़प रही हूँ?
मैं बोला- मैं तो स्टड फार्म में ही तुमको देख कर जान गया था कि यह एक लड़की है जो सब कुछ करवाने के लिए तड़प रही है। क्यों ठीक है ना? तुमने घोड़ा जब घोड़ी पर चढ़ा तो तुम्हारा हाथ तुम्हारी पुसी पर ही था और तुम छुप कर आनन्द ले रही थी। क्यों सच है ना?
सोनल थोड़ी शरमाई और हाँ में सर हिला दिया।
तब कम्मो बोली- अरे तुम दोनों जल्दी करो ना… नहीं तो बाहर नदी पर सोनल को सब खोजने लगेंगे।
मैंने सोनल को खींच कर अपने पास ले लिया और ताबड़तोड़ उसके लबों पर चुम्मियों की बारिश कर दी और हाथों से उसके मोटे गोल मुम्मों को भी मसलने लगा।
सोनल ने भी देर लगये बगैर मेरे लंड को पैंट से निकाल कर सीधा अपने मुंह में ले लिया और खूब जोश से उसको चूसने लगी।
कम्मो ने इशारा किया कि हम जल्दी करें तो मैंने सोनल को उठाया और उसकी गीली सलवार को नीचे खिसका दिया, उसकी बाहर से गीली चूत को थोड़ी देर चाटा और फिर उसको उठा कर झाड़ी के सहारे थोड़ झुका कर खड़ा कर दिया और पीछे से अपने खड़े लंड को उसकी चूत में घुसेड़ दिया और धीरे धीरे उसको पूरा का पूरा अंदर डाल कर हल्के धक्के मारने शुरू कर दिए।
मैं सोनल की एकदम गोरी गांड और उसके रेशमी चूतड़ों को मसल रहा था और जैसे ही मैं अपने हाथ उसकी फड़कती चूत के अंदर डाल कर उसकी भग को रगड़ने लगा तो सोनल तेज़ी से आगे पीछे होने लगी और मैंने भी धक्कों की स्पीड और तेज़ कर दी।
सोनल इतनी अधिक कामातुर हो चुकी थी आज सुबह घोड़ों की चुदाई देख कर कि वो जल्दी ही पानीपत की पहली लड़ाई में धराशयी हो गई और ‘मैं मरी रे… मैं गई रे…’ कहते हुए मेरे लंड के साथ आकर चिपक गई।
लेकिन मैंने नोट किया कि सोनल अभी भी एक बार और चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।
लेकिन कम्मो ने उसको उठा दिया और वो मुझको गर्म चुम्मी देकर चली गई और अपनी सहेली नीलू को भेजने का वायदा कर गई।
थोड़ी देर बाद कम्मो नीलू को लेकर भी आ गई।
मैंने सब से पहले नीलू को एक कामुक जफ्फी मारी और उसके होटों को थोड़ी देर चूमा और फिर उसके गोल गुदाज़ मम्मों को चूसने लगा और झुक कर एकदम सिल्की पेट को चूमता हुआ अपनी जीभ को उसकी बेहद गीली चूत पर टिका दिया।
मैं उसकी भग को मुंह में लेकर गोल गोल चूसने लगा और वो कामुक होती हुई अपने चूतड़ों को उठा कर मेरे मुंह से बार बार जोड़ रही थी।
नीलू मेरे बालों को पकड़ कर कभी मेरे मुंह को चूत पर दबा रही थी और कभी वो मुंह को हटाने की कोशिश कर रही थी।
जब मैंने महसूस किया कि नीलू चुदाई के लिए एकदम बेकरार है तो मैंने उस को नीचे लिटा कर अपनी पैंट को नीचे खिसका कर अपना लौड़ा निकाल कर उसकी चूत के मुंह पर रखा और एक ही धक्के में लंडम पूरा का पूरा उसकी चूत में चला गया।
फिर शुरू हुई नीलू की चुदाई जिसमें लंड को पूरा बाहर निकाल कर पूरा अंदर डालने का क्रम शुरू कर दिया।
और जब नीलू नीचे लेटी हुए बहुत तिलमिलाने लगी तो मैंने तेज़ स्पीड से उसको चोदना शुरू कर दिया और अपने दोनों हाथों को उस के चूतड़ों के नीचे रख कर गहरे धक्के मारना चालू कर दिया।
नीलू गहरे धक्कों से जल्दी ही स्खलित हो गई और वो जब छूट रही थी तो उसकी जांघों ने मेरी कमर को पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया।
जाने से पहले नीलू ने एक टाइट जफ्फी मार कर बहुत ही प्यारा सा थैंक्स मुझको किया। 



RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

नीलू को लेकर जब कम्मो चली गई तो मैंने बाहर की तरफ देखा तो 4-5 लड़कियाँ मेरे छुपने के सामने वाली जगह पर पेशाब करने आ रही हैं और सब एक कतार में बैठ कर अपनी सलवारें ढीली करके पेशाब की ज़ोरदार धार मारने लगी और साथ में बातें भी करती रहीं- आज तो बहुत ही मज़ा आया यार, एक तो घोड़ों के इतने लम्बे लंड के दर्शन हो गए और दूसरे यहाँ नदी में नहाने का मौका मिल गया और अब कोई सोमू का लम्बा लंड भी दिलवा दे तो लाइफ बन जाए!
उन में से एक तेज़ तरार लड़की जिसको मैं नहीं पहचानता था, बोली – काश मेरे अंदर भी घोड़े के माफिक लम्बा और मोटा लंड जा सकता तो मज़ा ही आ जाता।
एक और लड़की बोली- साली घोड़े के माफिक लंड तेरे अंदर जाएगा तो वो तेरे मुंह से बाहर आ जाएगा। लंड हो तो सोमू जैसा, ना बहुत बड़ा न ही बहुत छोटा। मेरे बॉय फ्रेंड का लंड तो इतना छोटा है जैसे कि बच्चे की लुल्ली… अंदर जाता है तो पता ही नहीं चलता कि कुछ अंदर गया है या नहीं।
तीसरी बोली- मेरा बॉय फ्रेंड का लंड तो अच्छा है लेकिन अंदर डालते ही झड़ जाता है साला। मेरी चूत उसको हेलो भी नहीं कर पाती कि वो उलटी कर के बाहर निकल जाता है! क्या करें, समझ नहीं आता?
लड़कियों के जाने के बाद मुझको ख्याल आया कि अगर कम्मो इन लड़कियों की हेल्प करे तो शायद इनकी सेक्स लाइफ सुधर सकती है।
मैंने फैसला किया कि आज दोपहर खाना खाने के बाद कम्मो को कह कर इन लड़कियों की हेल्प कर दी जाए तो शुभ काम होगा।
पेशाब करने वाली लड़कियों में मुझको ज़ूबी भी दिखाई दी और मैंने महसूस किया कि वो भी ख़ूबसूरती का मुजस्समा है और उसकी अभी तक चूत लेने का मौका नहीं मिला।


RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

नहाने के बाद सब लड़कियाँ वापस कॉटेज में आ गई और अपने अपने कमरों में चली गई।
दोपहर के खाने के बाद कुछ लड़कियाँ सोने के लिए अपने कमरों में चली गई और बैठक में सिर्फ मैं कम्मो और 2 डांसर बची थी, उनमें ज़ूबी और एक और बहुत ही खूबसूरत लड़की थी जो हमारे साथ बैठक में बैठी थी।
मैंने कम्मो से पूछा- ये दोनों डांसर कौन कौन हैं?
कम्मो उन दोनों के पास गई और उनको बुला कर अपने पास ले आई और पास बिठा कर पूछने लगी- आप दोनों कौन हैं और यहाँ अकेली चुपचाप क्यों बैठी हैं? आप दोनों की तबियत तो ठीक है ना?
दोनों थोड़ी देर सोचती रही फिर बोली- मैं ज़ूबी हूँ और यह है कृतिका, हम रूम नंबर 4 में रहती हैं।
कम्मो ने पूछा- तुम दोनों इतना चुप चुप क्यों हो?
दोनों कम्मो को कमरे के एक कोने में ले गई और कुछ खुसर फुसर करने लगी और फिर कम्मो उनको कुछ समझाने लगी और इसके बाद वो उनको लेकर बाहर चली गई।
थोड़ी देर बाद वो लौटी और बोली- उन दोनों को कोई औरतों वाली प्रॉब्लम है, मैंने उनको दवाई दे दी और आराम करने को कहा है, वो अपने कमरे में चली गई हैं।
मैं बोला- अब क्या करें कम्मो डार्लिंग? चलो हम भी सो जाते हैं किसी कमरे में?
कम्मो बोली- मैं सोच रही थी कि इन काम वालियों को खुश कर देते हैं, आज दिन भर ख़ास तौर से वो काला हीरा बहुत ही फुदक रही है आपसे चुदाने के लिए?
मैं बोला- चलो ठीक है यह सुझाव भी, लेकिन कम्मो डार्लिंग सोचना यह भी है कि फ़िल्मी टोली को कैसे बिजी रखें? क्यूंकि तकरीबन सब लड़कियाँ मुझ से चुद चुकी है और इन सबकी चूतें इस वक़्त पूरी तरह से तसल्ली में हैं। वैसे पता करो कोई लड़की रह तो नहीं गई?
कम्मो बोली- छोटे मालिक रह भी गई है तो उस लड़की को आगे आना चाहिए ना अगर उसको आपसे चुदाने की इच्छा है तो? मैं सोचती हूँ क्यों न हम इन लड़कियों के साथ मिलकर आज रात एक छोटा सा सुंदरता प्रतियोगिता का प्रोग्राम रख लेते हैं जिसमें दोनों मैडमों को जज बना देते हैं।
मैं बोला- वाह कम्मो जान, क्या आईडिया है! साथ में लड़कियों का स्ट्रिप टीज़ का प्रोग्राम भी रख देंगे जिससे सबको बड़ा मज़ा आयेगा ख़ास तौर से मैडमों को और मुझ को। क्यूँ कैसा है यह आईडिया?
कम्मो बोली- वाह छोटे मालिक, क्या दिमाग चलता है आपका चुदाई के बारे में।
मैं बोला- तुम काला हीरा और दुल्हन को पेश करो ऊपर वाले कमरे में और बाद में इन लड़कियों की जो मुखिया है, उसको पकड़ो और उससे बात करो सौन्दर्य प्रतियोगिता के बारे में।
मैं उठ कर ऊपर वाले कमरे में चला गया जहाँ एक पलंग बिछा था और जिस पर एक गद्देदार बिस्तर भी लगा था।
थोड़ी देर में काला हीरा उर्फ़ देवकी भी आ गई ठुमकती ठुमकती और उसके आते ही मैंने उसको जकड़ लिया अपनी बाहों में और उसके सांवले चेहरे को चुम्मियों से भर दिया क्यूंकि मैं भी घोड़ों का चोदन देख कर एकदम हॉटम हॉट हो रहा था।
देवकी भी बहुत दिनों से प्यासी थी मेरे लंड की तो उसने सीधे अपना हाथ मेरे लंड पर डाल दिया और उसको खड़ा देख कर हैरान रह गई और बोली- वाह छोटे मालिक, आपका तो मेरे आने से पहले खड़ा है?
अब मैंने देवकी के ब्लाउज पर हाथ डाला और उसके मोटे सुडौल मम्मों को मसलने लगा।
देवकी ने ही खुद अपने ब्लाउज को उतार फेंका और और फिर अपनी धोती को भी उतार दिया और मैं उसकी काली बालों से भरी चूत पर मोहित हो गया।
देवकी की चूत की खासियत यह थी कि वो आम चूतों से ज़्यादा ऊपर पेट की तरफ थी और खूब उभरी हुई!
अगर बाल हटा कर देखा जाता तो वो गोल मोल चूत थी और मस्त दिख रही थी।
मैं उसको लेकर बिस्तर की तरफ चला गया और उसको सीधा लिटा कर अपने कपड़े उतारने लगा लेकिन देवकी एकदम से खड़ी हो गई और आगे बढ़ कर मेरे कपड़े उतारने लगी।
जब बैठ कर मेरा अंडरवियर उतारने लगी तो लंड ने उछल कर उसके मुंह पर हल्के से थप्पड़ मारा।
देवकी बड़े ज़ोर से हंस पड़ी और बोली- ससुरा बहुत ही शैतनवा हुई गवा रे, हम का प्यार से चपत मारत है साला।
अब मैंने देवकी को लिटा कर उसकी जांघों में बैठ कर अपना मुंह उस की चूत पर टिका दिया और उसकी चूत को और उसके अंदर छिपे भग को चूसने और चाटने लगा।
देवकी के साथ ऐसे पहले किसी मर्द नहीं किया था तो वो अपने मज़े को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और मेरे बाल पकड़ कर मेरे सर को हटाने की कोशिश कर रही थी।
लेकिन मैंने भी उसके चूतड़ों के नीचे हाथ रख कर उसकी चूत को और ऊपर उठा दिया और लपालप उसकी चूत को चूसने लगा।
थोड़े देर में ही देवकी की चूत खुद ही मेरे सर को अपने साथ में फंसा कर जांघों को ज़ोर से दबाने लगी और साथ ही एक कंपकपी के साथ वो स्खलित हो गई और फिर मेरे मुख ऊपर उठा कर बार बार चूमने लगी।
अब मैं देवकी की चूत में अपना लंड धीरे धीरे डालने लगा और साथ ही डालने से पहले उसको एक हल्का रगड़ा चूत के ऊपर भी लगाता रहा ताकि वो फिर से गर्म हो जाए।
जब मेरा लंड उसकी एकदम गीली चूत के अंदर चला गया तो मैं उसके मुम्मों को चूसने लगा और उसकी गोल काली निप्प्लों को मुंह में ले कर गोल गोल घुमाने लगा।
देवकी अब पूरे कामुकता के जोबन पर थी और ज़ोर ज़ोर से नीचे से मेरे धक्कों का पूरा जवाब दे रही थी।
अब मैंने उसकी टांगों को हवा में लहरा कर उसकी ज़ोरदार चुदाई शुरू कर दी और जब वो जल्दी ही फिर स्खलित हो गई तो मैंने उस को साइड में लिटा कर पीछे से धक्कम पेल शुरू कर दी।
इस तरह मैं कई पोज़ बदल बदल कर उसको चोद रहा था और जब वो 3-4 बार छूट गई तो कहने लगी- बस अब और नहीं छोटे मालिक, अब हमका छोड़ देयो ना!
तभी कम्मो आई और कहने लगी- दुल्हन तो आज आई नहीं, देवकी से ही काम चला लो छोटे मालिक।
मैं देवकी के ऊपर से उठा और हम दोनों ने कपड़े पहन लिए और देवकी को 10 रुपये का इनाम देकर नीचे भेज दिया।
देवकी के जाने के बाद कम्मो बोली- मेरी सब लड़कियों से बात हुई है, वो सब सुंदरता प्रतियोगिता के लिए तैयार हैं और साथ में कपड़े उतारने की स्ट्रिप टीज़ के लिए भी तैयार हैं, पूछ रही थी जीतने वाली को इनाम क्या मिलेगा?
मैं बोला- तुम बोलो क्या इनाम दिया जाए?
कम्मो बोली- 100 रूपए का इनाम काफी है.
मैं बोला- हाँ, यह रकम काफी है इस छोटी प्रतियोगिता के लिए… तो फिर आओ दोनों मैडमों से भी बात कर लेते हैं। हाँ पर आज उनके खाने में कुछ ख़ास मुर्गे का कोरमा और मटन चाप बनवा लेना और साथ में गाजर का हलवा बनवा लेना। क्यों ठीक है ना?
कम्मो बोली- इस सारे खाने का खर्चा तो फ़िल्मी कम्पनी ही उठाएगी ना तो बनने दो यह सब कुछ!
हम अभी बातें कर ही रहे थे कि जूही दुल्हन सीढ़ियाँ चढ़ कर के ऊपर आ गई और हम दोनों को नमस्कार करके एक तरफ खड़ी हो गई।
तब कम्मो ने उससे पूछा- जूही आज जल्दी कैसे चली गई थी तुम अभी तो सिर्फ दोपहर के खाने का काम ही निपटा है और शाम की चाय और रात के खाने का काम अभी करना है ना?
जूही बोली- वो दीदी, मेरी सास की तबियत कुछ ठीक नहीं थी, उसको देखने घर चली गई थी। बोलो क्या काम है?
कम्मो बोली- कुछ दिन पहले तू छोटे मालिक को याद कर रही थी ना तो मैंने इसलिए बुलाया था कि कोई ख़ास काम था क्या?
जूही थोड़ी शरमाई और अपना मुंह नीचे कर के बोली- वो छोटे मालिक ने जो मुझ पर किरपा की थी ना तो मैं बहुत दिनों से उनको शुक्रिया देना चाहती थी।
मैं बोला- इसमें शुक्रिया किस बात का, वो छोटा सा काम था, मैंने कर दिया। अब सुनाओ पति ठीक से अपना काम कर रहा है ना?
जूही फिर उदास होते हुए बोली- कहाँ छोटे मालिक, वो कोशिश तो करता है लेकिन बहुत जल्दी ही झड़ जाता है। मैं क्या करूँ, समझ नहीं आता? उसके साथ वो मज़ा नहीं आता जो आपने मुझको उस दिन दिया था। एक बार और कर दो, मुझको वही आनन्द दे दो छोटे मालिक।
यह कह कर वो हाथ जोड़ने लगी और मैंने उठ कर उसके हाथ पकड़ लिए और कम्मो की तरफ देखा तो उस ने आँख का इशारा कर दिया, मैंने कहा- अरे जूही दुल्हन, इसमें हाथ जोड़ने की क्या बात है, मैं तो खुद तुमको याद कर रहा था। अगर तुम्हारी बहुत इच्छा है तो आ जाओ मैं तुमको जितना तुम चाहो तुम्हारे साथ चुदाई का खेल खेल सकता हूँ।
कम्मो ने उठ कर जूही दुल्हन को मेरी बाँहों में डाल दिया और मुझसे कहा- छोटे मालिक, आज आप जूही दुल्हन को अच्छी तरह से चोद डालो ताकि इसके मन की इच्छा कुछ दिनों के लिए पूरी हो जाए। और मैं चलती हूँ दोनों मैडमों को फ़ोन पर सब कुछ बताने के लिए! ठीक है ना छोटे मालिक?
मैंने कहा- ठीक है, यह काम ज़रूरी ना होता तो मैं भी तुम्हारे साथ चलता।

कम्मो के जाने के बाद मैंने जूही को अपनी गोद में बिठा लिया और उसको बेतहाशा चूमने लगा। जूही भी मेरे प्यार का जवाब चुम्मियों से देने लगी और कुछ देर बाद मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उसके सुडौल मम्मों को चूसना शुरू कर दिया और उसके काले चूचुकों को मुंह में लेकर उनको चूसने का आनंद लेने लगा।

उसकी चूत पर हाथ लगाया तो वो पूरी गीली हो चुकी थी।
मैं जूही को हाथों में लेकर उठा और अपने खड़े लंड का निशाना जूही की चूत पर मारा और धीरे से अपने लंड को जूही की चूत में घुसेड़ने लगा।
मैंने जूही को अपने दोनों हाथों को उसकी गांड के नीचे रख कर उठाया हुआ था जिससे लंड को उसकी चूत में बड़ी आसानी से डाला जा सके और लंड अंदर जा कर जूही की चूत के साथ हिलमिल गया और बड़े जोश से उसको चोदने लगा।
मैंने भी जूही के मुंह को अपने होटों को चिपका कर उसको एक बहुत गहरी चुम्मी दी और उसके चूतड़ों को खुद ही आगे पीछे करके आराम से चोदने लगा।
जूही दुल्हन की दोनों बाहें मेरे गले में थी, वो जैसे हो जोश में आती थी मुझको अपनी बाहों की ताकत से अपने साथ चिपका लेती थी और दिल भर की चुंबन दे देती थी।
जूही 2-3 छूट चुकी थी लेकिन अभी भी उस का मन नहीं भरा था तो मैं उसको बिस्तर में लिटा कर उसकी जांघों के बीच बैठ कर उस की ज़ोरदार चुदाई करने लगा और मेरे बहुत ही तेज़ धक्कों के कारण वो मस्त हुई चुद रही थी और कह रही थी- फाड़ दो… फाड़ दो इस साली को… ओह ओह मैं मर गई रे!
पांच मिन्ट की तेज़ चुदाई से वो बहुत अधिक कांपती हुई ज़ोर से झड़ गई और मुझको खींच के अपने से चिपका लिया।
मैं उसके ऊपर से हट गया और वो आँखें बंद कर के पड़ी रही बगैर हिले डुले कुछ देर के लिए!
फिर वो उठी और जल्दी से अपने कपड़े पहन लिए और मुझको एक कामुक चुंबन देकर चली गई।
उसके जाते ही कम्मो आ गई और बोली- मेरी मैडमो से बात हो गई है, सुंदरता प्रतियोगिता का प्रस्ताव सुन कर बड़ी खुश हो गई हैं और वो शाम को दोनों यहाँ आ जाएंगी। कह रही थी कि वो कुछ खास पीने का भी प्रबंध कर लेंगी।
कुछ समय बाद धीरे धीरे डांसर लड़कियाँ बैठक में आने लगी और काफी अधिक उत्सुक लग रही थी, होने वाली सुंदरता प्रतियोगिता से काफी उत्साहित थी।
सब आपस में अपने प्रतियोगिता में पहनने लायक कपड़ों के बारे में बहस कर रही थी।
हेमा बोली- सुंदरता प्रतियोगिता तो ठीक है लेकिन यह स्ट्रिप टीज़ तो ठीक नहीं लग रहा है।
जूली बोली- स्ट्रिप टीज़ में तो सिर्फ कपड़े ही उतारने हैं और वो भी सब औरतों के सामने और अगर कोई मर्द हुआ भी तो वो अपना सोमू राजा ही होगा ना जिसके सामने हम सब कई बार नंगी हो चुकी हैं वो उस से सब करवाते हुए जिसकी इच्छा हम सबको थी। क्यों ठीक है ना? अब बोलो क्या स्ट्रिप टीज़ में कोई प्रॉब्लम है?
सबने ज़ोर से कहा- नहीं, कोई प्रॉब्लम नहीं है, होने दो स्ट्रिप टीज़ को!
सब लड़कियाँ मेरे इर्द गिर्द जमा हो गई और तब आबिदा बोली- इस प्रतियोगिता के मुख्य जज तो सोमू जी को होना चाहिए क्यूंकि उन्होंने हम सबको अच्छी तरह से देखा और परखा है, हमारे एक एक अंग से पूरी तरह से वाकिफ हैं और उसका आनंद ले चुके हैं।
नंदा बोली- वो तो सब ठीक है, हमको स्ट्रिप टीज़ करने में कोई ऐतराज़ नहीं है लेकिन इस स्ट्रिप टीज़ के विजेता लड़कियों को सोमू की तरफ से एक ख़ास इनाम दिया जाना चाहिए। क्यों सोमू राजा?
मैं बोला- मैं भला किसी को क्या इनाम दे सकता हूँ?
आबिदा बोली- तुम्हरे पास इतनी कीमती चीज़ है जिसकी हर लड़की को ज़रूरत है और चाहत है, बोलो दोगे क्या?
मैं बोला- अच्छा तो तुम लंडम की बात कर रही हो? वो तो हर वक्त हाज़िर है आबिदा जानम, एक बार नहीं जितनी बार कहोगी, वो तुम्हारी चूत की सेवा करने के लिए तैयार है।
तब हेमा बोली- अगर लड़कियों को और सोमू को ऐतराज़ ना हो तो प्रतियोगिता के बाद सब लड़कियों की सोमू के साथ ज़ोरदार चुदाई सेशन हो जाए? क्यों सोमू, तैयार हो चुदाई सेशन के लिए? और क्या तुम सब लड़कियों को चोद सकोगे एक के बाद एक को? 
कम्मो जो सब बातें बड़े ध्यान से सुन रही थी, बोली- तुम 12 लड़कियों को एक साथ चोदना शायद सोमू के लिए मुश्किल हो सकता है लेकिन अगर आप 4-4 के ग्रुप में आएँ तो यह काम वो कर सकता है।
हेमा बोली- वही तो… मज़ा तो तब है जब 12 लड़कियाँ एक साथ नंगी मलंगी सोमू के चारों तरफ फैली हों और वो किसी के मुम्मे चूसे, किसी की चूत में ऊँगली करे और किसी की चूत में लंड डाल रहा हो और एक चोद कर दूसरी पर चढ़ रहा हो और बिल्कुल ऑर्गी जैसा समा बना हो। उफ्फ्फ मज़ा ही जाए अगर ऐसा हो सकता हो तो!
कम्मो बोली- ऐसा हो सकता है अगर बाकी लड़कियाँ एक दूसरी के साथ लेस्बो सेक्स में लगी हों और सोमू लाइन से और कायदे से हर लड़की को काम सुख प्रदान कर सकता है… पर क्या दोनों मैडमों को यह हरकत नागवार नहीं लगेगी क्या?
हेमा बोली- मैडमों को बताएगा कौन? हम सब तो एक जुट हैं, क्यों फ्रेंड्स?
सब ज़ोर से बोली- यस, हममें से कोई भी नहीं बताएगा किसी को, हम सब कसम खाती हैं।
कम्मो बोली- ठीक है, इस खेल का प्लान मैं बनाऊँगी, या आप में से भी कोई मेरे साथ शामिल होना चाहती है?
आबिदा और हेमा दोनों ने हाथ खड़े कर दिए और कम्मो ने दोनों को मिला कर प्लान बनाने का काम शुरू कर दिया।
सब लड़कियाँ रात में होने वाले ब्यूटी कांटेस्ट के लिए अपने कपड़ों का चुनाव करने में लगी हुई थी और मैं बेकार में ही वहाँ बैठा हुआ था।
जब मैं उठने लगा तो जूली मेरे पास आ गई और मैंने उससे पूछा कि अगर वो कुछ नहीं कर रही तो ज़रा लॉन में घूम लेते हैं?तो वो झट मान गई।
हम दोनों हाथ पकड़े हुए लॉन में आ गये।
जूली ने एक लाल फ्रॉक पहना हुआ था जो उसके घुटनों तक ही आ रहा था और वो हवा में खूब लहलहा रहा था। एक दो बार तो वो हवा के तेज़ झोंके के कारण एकदम ऊपर उठ गया और मैंने उसकी वाइट पैंटी के दर्शन कर लिए।
जूली छुपी आँखों से यह सब देख रही थी और मुझको हल्के से अपनी कोहनी मारते हुए बोली- तुम्हारी चोरी पकड़ी गई सोमू जी!
मैंने मुस्कराते हुए कहा- कौन सी चोरी जूली जानम?
वो भी मुस्करा रही थी और मेरे हाथ को अपनी कमर में लपेट कर बोली- वही तुम कुछ देखने की कोशिश कर रहे हो मेरे फ्रॉक के नीचे क्या है?
मैं बोला- वहाँ क्या होगा जो मैंने अभी तक नहीं देखा तुम्हारा? मैं तो सब कुछ देख चुका हूँ तुम्हारा लेकिन इस तरह चोरी से देखने का कुछ और ही मज़ा होता है।
जूली बोली- वही तो!
अब लॉन में कुछ कुछ अँधेरा बढ़ रहा था तो एक पेड़ के नीचे जब हम दोनों पहुंचे तो मैंने जूली को पकड़ कर आलिंगन में बाँध लिया और उसके लबों पर एक गर्म चुम्मी जड़ दी।
वो भी जैसे इसी मौके का इंतज़ार कर रही थी, उसने भी झट से मेरे लौड़े को पकड़ लिया और पैंट के बाहर से ही सहलाने लगी।
मैंने भी एक हाथ उसकी पैंटी के ऊपर रख दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा।
एक दूसरे को चूमते चाटते हम एक बिल्कुल अँधेरी जगह में पहुँच गए और फिर मैंने जूली के कान में कहा- मर्ज़ी है क्या?
जूली ने एक किस करते हुए कहा- है तो सही अगर तुम्हारी भी मर्ज़ी है तो?
मैंने जूली को एक घने पेड़ के तने को पकड़ कर खड़ा कर दिया और फिर उसकी पैंटी को नीचे खिसका कर अपने खड़े लंड को पैंट से निकाला और कुछ देर उसकी चूत के ऊपर उसको रगड़ कर धीरे से मैंने उसकी चूत में डाल दिया।
चूत और लंड के मिलन के बाद हम दोनों एकदम से शांत खड़े रहे बिना हिले डुले एक दूसरे से जुड़े हुए!
फिर धीरे से जूली ने अपने चूतड़ों को थोड़ा आगे की तरह किया और फिर पुनः उसको पीछे मेरे लंड से चिपका दिया और इस एक्शन को उसने 4-5 बार रिपीट किया लेकिन मैं बिना हिले डुले शांत खड़ा रहा।
धीरे धीरे से जूली की चूत पनियाती गई और मैंने अपने अंदर बाहर के धक्के शुरू कर दिए और अब जूली के मुंह से आनन्द के सीत्कार की आवाज़ें आने लगी और अब वो भी अपनी कमर को हिला हिला कर मेरे लंड को पूरा का पूरा अंदर लेने लगी और साथ में अस्फुट आवाज़ करने लगी जिससे मैं समझ गया कि जूली अपनी मंज़िल के निकट पहुँच रही है।
मैंने धुआंधार चुदाई शुरू की तो जूली जल्दी से स्खलित हो गई और मेरे लंड के साथ पूरी तरह से चिपट गई।
फिर हम दोनों अपने कपड़े ठीक कर के कॉटेज वापस चल पड़े।
जूली ने अपना सर मेरे कंधे पर रखा हुआ था और वो चुदाई की खुमारी में धीरे धीरे चलती हुई मेरे साथ कॉटेज पहुँच गई।
तभी उसकी रूम मेट सैंडी आ गई और बोली- चलो जूली, तैयार हो जाओ, मैडमों के आने टाइम हो गया है। 
थोड़ी देर में दोनों मैडम आ गई, आते ही दोनों ने मुझ को गले लगाया और अपने वक्ष मेरी छाती से रगड़े और अपने हाथों से मेरे लंड को टच करती हुई अपनी सीटों की तरफ गई।
मधु मैडम तो सेंटर सीट पर थी रूबी मैडम और मैं दोनों इनकी बगल पर थे। दोनों ने बड़ी प्यारी बनारसी सिल्क की साड़ी और ब्लाउज पहन रखे थे और बहुत ही खूबसूरत लग रही थी।
मैं उनके पास गया और धीरे से बोला- माशाल्लाह… आप दोनों तो हुस्न का मुजस्मा लग रही हैं और किसी फिल्म की हीरोइन से किसी तरह भी कम नहीं हो।
रूबी मैडम ने उठ कर मुझको लबों पर एक चुम्मी दी और एक कसी जफ्फी मार दी और मेरे चूतड़ों पर हाथ फेरा।
तभी कम्मो कमरे में दाखिल हुई और मैडमों को सारा प्लान बताया।
मधु मैडम ने कहा- सिर्फ हम दो जजों से काम नहीं चलेगा एक और जना जज होना चाहिये ना? सोमू को हमारे साथ जज बना दो और वैसे भी वो इन सबको चख और परख चुका है ना! क्यों रूबी?
रूबी बोली- आप ठीक कह रही हैं मैडम, सोमू मास्टर को हमारे साथ जज बना दो! क्यों सोमू, जज बनोगे ना?
मैं बोला- जैसा आप कहो मैं तो आपके इशारों का ग़ुलाम हूँ!
मधु मैडम हंस दी और बोली- यार, सोमू तुम ग्रेट हो।
मैं बोला- आपकी ज़र्रा नवाज़ी है वरना बंदा किस काम का है!
मधु मैडम बोली- ज़हे नसीब सोमू, तुम्हारे जैसा अगर मेरा पति हो तो लाइफ बन जाए!
मैं बोला- क्या अभी पति नहीं है क्या?
मधु मैडम बोली- पति तो है लेकिन साला किसी काम का नहीं, हर वक्त पिये रहता है और रात को खर्राटे भरता है।
मैं चुप रहा।
बैठक को साफ़ कर दिया गया था और बीच का हिस्सा खाली कर दिया गया था और बैठक के आखिर में तीन जजों की कुर्सियाँ लगी हुई थी और सामने एक छोटा सा टेबल रख दिया था जिस पर पानी का जग और कुछ गिलास रखे हुए थे।
थोड़ी देर में कार्यक्रम शुरू हुआ।
प्रोग्राम के मुताबिक हेमा हर एक लड़की का नाम एक लिस्ट से पढ़ रही थी जिसकी कार्बन कापी हम तीनो के पास भी थी और उसके आगे मार्क्स लिखने का भी कॉलम बना हुआ था।
एक एक कर के सब लड़कियाँ बैठक में बने खुले स्थान पर आ रही थी और मॉडल्स की तरह आगे पीछे होकर अपने हुस्न का जलवा दिखा रही थी और कुछ क्षणों में वापस जा रही थी।
और हम जज उनकी सुंदरता के मुताबिक़ नंबर प्रदान कर रहे थे।



RE: Porn Hindi Kahani मेरा चुदाई का सफ़र - sexstories - 05-17-2018

हुस्न का यह कार्यक्रम कोई आधा घंटा चला और फिर शुरू हुआ स्ट्रिप टीज़ का प्रोग्राम जिसमें लड़कियों को एक एक करके अपने शरीर के सारे कपड़े उतारने थे और वो भी म्यूजिक पर डांस करते हुए।
सारे कपड़े उतारने के बाद उनको बैठक में ही रहने का आदेश था जब तक सब लड़कियों को निर्वस्त्र होने का प्रोग्राम समाप्त नहीं होता।
स्ट्रिप टीज़ का कार्यक्रम शुरू होने से पहले दोनों मैडमों ने अपने थैले से 2-3 रंगीन बोतलें निकाली और अपने ग्लासों में डालने लगी और मुझसे भी पूछा- क्यों सोमू, यह सोम रस पियोगे क्या?
मैं बोला- नहीं मैडम, मैं अपनी ठंडी कोकाकोला ही पियूँगा।
सबसे पहले आने वाली लड़की जूली थी जिसने निहायत ख़ूबसूरती के साथ अपने कपड़े उतारने शुरू किये।
सबसे पहले उसने हल्के से डांस करते हुए अपनी स्कर्ट के साथ का ब्लाउज उतार दिया और फिर डांस करते हुए उसने अपनी ब्रा भी उतार दी और अपने गोल और सॉलिड मुम्मों को हवा में लहराते हुए वो मेरे पास आई, अपने स्तनों को मेरी नाक के नीचे घुमाते हुए वापस नाचती हुई बैठक के सेंटर में चली गई और वहाँ उसने काफी टीज़ करते हुए अपनी स्कर्ट को भी धीरे धीरे नीचे खिसका कर उतार दिया और अब वो सिर्फ अपनी पिंक सिल्क पैंटी में थी और वो बेइंतेहा सेक्सी लग रही थी।
मेरे साथ जुड़ कर खड़ी हुई थी कम्मो रानी जिसके हाथ में अपनी लिस्ट थी जिसमें वो पेंसिल से नंबर दे रही थी।
एक दो चक्कर सिर्फ पैंटी में लगाने के बाद उसने अपनी सिल्क की टाइट पैंटी भी कुछ देर में उतार दी और अपने पूरे नंगे शरीर के साथ वो सारी बैठक में खूब मटक मटक कर चलती हुई हम तीनो जजों के पास आई।
रूबी मैडम के पास आई तो मैडम ने हाथ आगे बढ़ा कर उसके एक मोटे मुम्मे को थोड़ा सा मसला और मधु मैडम ने उसके दूसरे मम्मे को फील किया और मेरे पास आई तो मैंने उसके चूतड़ों को थोड़ा सा दबाया।
फिर वो बैठक के बीच पहुँच कर सब देखने वालों को फ्लाइंग किस करके एक कुर्सी पर बैठ गई।
हेमा ने दूसरी लड़की का नाम पुकारा जो सैंडी थी, उसने भी बड़ी खूबसूरती से अपना शारीरिक प्रदर्शन किया, पूरी तरह से नंगी होने के बाद वो मेरे पास सबसे पहले आई, मेरी गोद में आकर बैठ गई और मेरे लंड को हाथ से छू कर दूसरी दोनों मैडमों को चूमती और छेड़ती हुई अपनी सीट पर जाकर बैठ गई।
अब आने वाली लड़की आबिदा थी जिसने बहुत ही सुंदर स्कर्ट और टॉप पहन रखा था और उसने भी अपने कपड़े बड़े ही इत्मीनान से और सादगी से उतारे।
जब वो भी पूरी निर्वस्त्र हो गई तो अपनी काली चूत की ज़ुल्फ़ों, जो खासतौर से चमक रही थी, में अपनी उँगलियों में घुमाती हुई वो पहले मैडमों के इर्द गिर्द घूमी और फिर मेरे पास आई और मेरे लबों पर एक हॉट चुंबन जड़ कर और मेरे लौड़े को अपना हाथ लगा कर वापस चली गई।
अगली लड़की नंदा थी, उसने एक छोटा सा घाटनों जैसा नीचे से बाँधने वाला ब्लाउज और झिलमिलाता हुआ लहंगा पहन रखा था और वो बेहद खूसूरत लग रही थी।
उसके कपड़े उतारने का स्टाइल थोड़ा भिन्न था क्यूंकि उसने पहले अपना लहंगा उतार दिया, फिर उसने ब्लाउज की गाँठ खोली और उसे उतार दिया और फिर उसने अपनी लाल चमकी वाली पैंटी उतार दी। फिर वो नाचती हुई मैडमों के इर्द गिर्द घूमी और फिर मेरे पास आई और मेरे मुंह से अपने मुम्मो को जोड़ कर उसने एक झटके में अपनी ब्रा को अलग कर दिया।
उसके मोटे और गोल मम्मे उछल कर मेरे मुंह की तरफ लपके लेकिन मैं उससे एक कदम आगे था और ऐन मौके पर मैंने अपना मुंह पीछे खींच लिया।
इस तरह नंदा का वार खाली गया लेकिन मैंने उसको सजा देने के लिए उसको पकड़ लिया और उसके चूतड़ों पर हाथ रख कर उसके मुंह पर अपना मुंह रख दिया और एक ज़ोरदार चुम्मी उसके होटों पर जड़ दी।
सब लड़कियों ने खूब ज़ोर ज़ोर से तालियाँ मारी और कहा- वाह सोमू राजा, क्या फुर्ती दिखाई है तुमने! 


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